■ गंगनहर में छलांग, चेतक पुलिस बनी जीवन रक्षक,, ■ मानसिक रूप से कमजोर युवक को सकुशल बचाकर परिजनों से मिलवाया,, ■ हरिद्वार पुलिस की तत्परता व मानवीय संवेदना की मिसाल

इन्तजार रजा हरिद्वार■ गंगनहर में छलांग, चेतक पुलिस बनी जीवन रक्षक,,
■ मानसिक रूप से कमजोर युवक को सकुशल बचाकर परिजनों से मिलवाया,,
■ हरिद्वार पुलिस की तत्परता व मानवीय संवेदना की मिसाल

हरिद्वार। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में चेतक पुलिस कर्मियों ने अद्भुत साहस, तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए गंगनहर में डूब रहे एक युवक की जान बचाई। यह घटना 16 दिसंबर 2025 की है, जब जग्गू घाट ज्वालापुर के पास एक व्यक्ति के गंगनहर में कूदने की सूचना पुलिस को मिली।
सूचना मिलते ही ज्वालापुर चेतक पुलिस बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गंगनहर में उतरकर डूब रहे युवक को बाहर निकाला और सुरक्षित अवस्था में कोतवाली ज्वालापुर ले आए। युवक की जान बचाने में पुलिस की त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई।
कोतवाली लाए जाने पर युवक मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा था और वह अपना सही नाम-पता बताने में असमर्थ था। पुलिस टीम ने पहले उसे सूक्ष्म जलपान कराया, फिर मानवीय तरीके से विश्वास में लेते हुए बातचीत शुरू की। इसके साथ ही युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
काफी प्रयासों के बाद युवक द्वारा बताए गए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क स्थापित किया गया। फोन पर जानकारी देने वाले व्यक्ति ने बताया कि युवक उनका पुत्र नीरज रावत है, जो मेरठ का निवासी है। परिजनों ने बताया कि नीरज मेरठ के एक अस्पताल में मेडिकल लाइन में कार्य करता था, लेकिन बीते कुछ समय से मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण 13 दिसंबर 2025 को वह बिना बताए घर से चला गया था। परिजन तभी से उसकी लगातार तलाश कर रहे थे और उसके फोटो वाले पंपलेट भी कई स्थानों पर वितरित किए गए थे।
जानकारी की पुष्टि होने के बाद कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने नीरज रावत के परिजनों को थाने बुलाया। पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशील प्रयासों के चलते गुमशुदा युवक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपने पुत्र को जीवित और सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं।
परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस, विशेषकर ज्वालापुर चेतक पुलिस की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना न सिर्फ पुलिस की तत्परता, बल्कि उसकी मानवीय भूमिका को भी दर्शाती है।
इस पूरी कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम ने यह सिद्ध कर दिया कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जीवन रक्षा और मानव सेवा भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस टीम
उप निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, व0 उप निरीक्षक, कोतवाली ज्वालापुर
का0 1175 मनोज डोभाल
का0 1449 दीपक चौहान
का0 876 अंकित कवि
हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित ही समाज में सुरक्षा, विश्वास और मानवीय संवेदना का मजबूत संदेश देती है।



