PNB का 132वां स्थापना दिवस: करोड़ों के ऋण वितरण के साथ शक्ति प्रदर्शन, ग्राहकों को बनाया विकास का केंद्र,, 🟡 “ग्राहक मजबूत तो बैंक मजबूत”—राजेन्द्र भाटिया का दो टूक संदेश, NPA पर कड़ा रुख,, 🟢 रक्तदान, सांस्कृतिक धमाल और मेगा गेट-टुगेदर—PNB ने दिखाया सामाजिक और आर्थिक संतुलन का मॉडल,, 🏦 “ग्राहक ही भगवान”—प्रकाश रंजन का भावनात्मक लेकिन स्पष्ट संदेश,, 💰 27 करोड़ का मेगा लोन वितरण: PNB का बड़ा दांव,,PNB केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार,, 📈 PNB का बदलता स्वरूप: परंपरा से आधुनिकता की ओर

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 PNB का 132वां स्थापना दिवस: करोड़ों के ऋण वितरण के साथ शक्ति प्रदर्शन, ग्राहकों को बनाया विकास का केंद्र,,
🟡 “ग्राहक मजबूत तो बैंक मजबूत”—राजेन्द्र भाटिया का दो टूक संदेश, NPA पर कड़ा रुख,,
🟢 रक्तदान, सांस्कृतिक धमाल और मेगा गेट-टुगेदर—PNB ने दिखाया सामाजिक और आर्थिक संतुलन का मॉडल,,
🏦 “ग्राहक ही भगवान”—प्रकाश रंजन का भावनात्मक लेकिन स्पष्ट संदेश,,
💰 27 करोड़ का मेगा लोन वितरण: PNB का बड़ा दांव,,PNB केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार,,
📈 PNB का बदलता स्वरूप: परंपरा से आधुनिकता की ओर
हरिद्वार, 12 अप्रैल 2026 (प्रेस विज्ञप्ति):
Punjab National Bank (PNB) ने अपने 132वें स्थापना दिवस को इस बार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक शक्ति प्रदर्शन, सामाजिक प्रतिबद्धता और ग्राहक-केंद्रित रणनीति के रूप में पेश किया। हरिद्वार में आयोजित यह भव्य आयोजन न केवल बैंक की मजबूती का संकेत बना, बल्कि यह भी स्पष्ट कर गया कि PNB आने वाले समय में आक्रामक विस्तार और ग्राहक सशक्तिकरण के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ने वाला है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप अंचल प्रमुख श्री राजेन्द्र भाटिया ने की, जिनके संबोधन में स्पष्ट संदेश था—“बैंक तभी आगे बढ़ेगा, जब उसका ग्राहक मजबूत होगा।” उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि बैंक अब सिर्फ लेन-देन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन बन चुका है।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि
“ग्राहकों की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता है। जब ग्राहक आगे बढ़ेगा, तो बैंक की जमा (Deposit) भी बढ़ेगी, ऋण की वसूली बेहतर होगी और सबसे अहम—NPA में गिरावट आएगी। हम इस दिशा में पूरी सख्ती और रणनीति के साथ काम कर रहे हैं।”
यह बयान केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि बैंक की बदलती कार्यशैली और परफॉर्मेंस-ड्रिवन अप्रोच का संकेत भी था।
💰 27 करोड़ का मेगा लोन वितरण: PNB का बड़ा दांव
स्थापना दिवस के मौके पर PNB ने ग्राहकों को बड़ा तोहफा देते हुए 21 ग्राहकों को करीब 27 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। यह कदम साफ दर्शाता है कि बैंक अब आक्रामक लेंडिंग पॉलिसी के जरिए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
यह ऋण वितरण केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि
- छोटे और मध्यम व्यवसायों को नई गति देने,
- स्थानीय व्यापार को मजबूत करने,
- और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
इसके साथ ही बैंक ने 124 नए सेविंग खाते खोलकर यह भी दिखा दिया कि वह फाइनेंशियल इंक्लूजन के मिशन को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।
🏦 “ग्राहक ही भगवान”—प्रकाश रंजन का भावनात्मक लेकिन स्पष्ट संदेश
कार्यक्रम में हरिद्वार के मंडल प्रमुख श्री प्रकाश रंजन ने ग्राहकों के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को बेहद प्रभावशाली अंदाज में पेश किया।
उन्होंने कहा,
“हमारे ग्राहक हमारे लिए राम, लक्ष्मण और सीता के समान हैं, और हम उनके साथ हनुमान की तरह जुड़े रहना चाहते हैं।”
उनका यह बयान केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि बैंक ग्राहक-केंद्रित मॉडल को अपनी रणनीति के केंद्र में रख चुका है।
उन्होंने ग्राहकों से सीधा संवाद करते हुए बैंक की सेवाओं पर फीडबैक भी लिया और भरोसा दिलाया कि
“PNB हर ग्राहक की जरूरत के अनुसार खुद को लगातार अपडेट कर रहा है।”
👥 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: टीम वर्क का प्रदर्शन
इस भव्य आयोजन में बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- उप मंडल प्रमुख श्री अविनाश
- एलडीएम (Lead District Manager) श्री दिनेश कुमार गुप्ता
- मुख्य प्रबंधक श्री अतुल मोहन गुप्ता
- वरिष्ठ अधिकारी श्री गोपाल जी
इन सभी अधिकारियों ने न केवल आयोजन को सफल बनाने में भूमिका निभाई, बल्कि यह भी संकेत दिया कि PNB की पूरी टीम एकजुट होकर ग्राउंड लेवल पर रिजल्ट देने के लिए प्रतिबद्ध है।
❤️ CSR में भी आगे: रक्तदान शिविर बना मिसाल
जहां एक ओर बैंक आर्थिक गतिविधियों में तेजी ला रहा है, वहीं दूसरी ओर उसने सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के क्षेत्र में भी अपनी सक्रियता साबित की।
स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित रक्तदान शिविर में बैंक कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 27 यूनिट रक्तदान किया गया।
यह पहल यह बताने के लिए काफी है कि PNB केवल मुनाफे तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी गंभीरता से निभा रहा है।
🎨 बच्चों की रचनात्मकता और पारिवारिक माहौल
कार्यक्रम में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पारिवारिक और सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिला।
बच्चों के लिए आयोजित ड्रॉइंग प्रतियोगिता में नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंगों और कल्पनाओं से भरी इन प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन में एक नई ऊर्जा भर दी।
यह पहल यह दर्शाती है कि बैंक अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी इस यात्रा का अहम हिस्सा मानता है।
🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
स्थापना दिवस को “गेट-टुगेदर” के रूप में मनाते हुए बैंक कर्मियों और उनके परिवारजनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी।
गीत, संगीत, नृत्य और मनोरंजक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज ने यह साबित किया कि
PNB केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह काम करता है।

📈 PNB का बदलता स्वरूप: परंपरा से आधुनिकता की ओर
132 साल का यह सफर केवल इतिहास नहीं, बल्कि निरंतर विकास और बदलाव की कहानी है।
PNB अब
- डिजिटल बैंकिंग,
- ग्राहक-केंद्रित सेवाएं,
- और आक्रामक वित्तीय रणनीतियों के साथ
एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बैंक आने वाले समय में
न केवल प्रतिस्पर्धा करेगा, बल्कि नेतृत्व करने की तैयारी में है।
🔚 उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने बैंक की निरंतर प्रगति, मजबूती और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह आयोजन केवल एक स्थापना दिवस नहीं था, बल्कि
- बैंक की उपलब्धियों का उत्सव,
- ग्राहकों के प्रति आभार,
- और भविष्य की रणनीति का स्पष्ट संदेश था।
PNB ने इस भव्य आयोजन के माध्यम से यह साबित कर दिया कि
वह केवल एक बैंक नहीं, बल्कि देश की आर्थिक धड़कन का मजबूत स्तंभ है।
“हम अपने ग्राहकों को परिवार का हिस्सा मानते हैं। उनकी संतुष्टि और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। हम भविष्य में और बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”“ग्राहकों की समृद्धि ही बैंक की असली ताकत है। हम हर संभव प्रयास करेंगे कि हमारे ग्राहक आर्थिक रूप से सशक्त बनें और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।”



