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उत्तराखंड के श्रीनगर धारीदेवी में कुछ असामाजिक हमलावरों द्वारा ड्राइवर रिजवान के साथ हुई बर्बरता कांड पर भड़का गुस्सा,, हरिद्वार में ट्रांसपोर्टर्स का जोरदार प्रदर्शन, सरकार को चेताया,, ड्राइवरों की दहशत – बोले, सुरक्षा गारंटी के बिना नहीं जाएंगे पहाड़

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड के श्रीनगर धारीदेवी में कुछ असामाजिक हमलावरों द्वारा ड्राइवर रिजवान के साथ हुई बर्बरता कांड पर भड़का गुस्सा,,

हरिद्वार में ट्रांसपोर्टर्स का जोरदार प्रदर्शन, सरकार को चेताया,,

ड्राइवरों की दहशत – बोले, सुरक्षा गारंटी के बिना नहीं जाएंगे पहाड़

हरिद्वार। उत्तराखंड के श्रीनगर धारीदेवी क्षेत्र में 15 अगस्त को ट्रक ड्राइवर रिजवान के साथ हुई बर्बर घटना ने पूरे परिवहन जगत को हिला दिया है। छुटमलपुर निवासी ड्राइवर रिजवान को केवल दाढ़ी-टोपी देखकर असामाजिक तत्वों ने बेरहमी से पीटा और जबरन धार्मिक नारे लगवाए। यह मामला महज एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि पूरे ड्राइवर समाज पर हमला माना जा रहा है। पुलिस ने भले ही आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां की हों, लेकिन ट्रांसपोर्ट संगठन इसे नाकाफी बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ऑल ओवर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर के ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर्स हरिद्वार में एकजुट हुए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो परिवहन व्यवस्था ठप कर दी जाएगी और इसकी जिम्मेदारी खुद सरकार की होगी।

“ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार” – राव अखलाक अध्यक्ष एसोसिएशन

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राव अखलाक खां ने कहा कि रिजवान पर हमला कोई साधारण घटना नहीं बल्कि पूरे परिवहन तंत्र पर हमला है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा –
“आज ड्राइवरों में दहशत का माहौल है। हालात यह हैं कि कोई भी ड्राइवर पहाड़ की ओर गाड़ियां ले जाने को तैयार नहीं है। जिस ड्राइवर वर्ग ने कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान देश की सप्लाई चेन संभाली, वही आज अपने जीवन को असुरक्षित मान रहा है। सरकार को तुरंत जिम्मेदारी लेनी होगी और ड्राइवरों की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो देशभर की सप्लाई चेन बाधित हो जाएगी और आम जनता को सीधा नुकसान झेलना पड़ेगा।”

राव अखलाक ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजकर ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। यदि सरकार ने अनदेखी की तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

“कानून बने, सजा मिले” – शमशीर अली

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शमशीर अली ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ड्राइवर समाज की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा –

“ड्राइवर हर घर तक जरूरी सामान पहुंचाने की सबसे अहम कड़ी है। लेकिन जिस तरह रिजवान को केवल उसके पहनावे और मज़हब के आधार पर पीटा गया, वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को तुरंत इस तरह की घटनाओं के खिलाफ विशेष कानून बनाना चाहिए। जिस तरह धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून है, वैसे ही ड्राइवरों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कम से कम 5 लाख का जुर्माना और 5 साल की सजा तय होनी चाहिए। तभी कोई असामाजिक तत्व इस तरह की हिमाकत दोबारा करने से पहले सौ बार सोचेगा।”

“कैसे जाएंगे पहाड़?” – ड्राइवरों की दहशत

प्रदर्शन में शामिल ड्राइवरों ने खुले शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। ड्राइवर शादाब खान ने कहा –

“आज हमें रिजवान भाई की जगह खुद को खड़ा देखना पड़ रहा है। उनका लिबास हमारा भी है, उनकी पहचान हमारी भी है। जब तक सरकार और प्रशासन सुरक्षा की गारंटी नहीं देंगे, तब तक हम पहाड़ की ओर कोई माल नहीं ले जाएंगे।”

ड्राइवरों ने साफ चेतावनी दी कि अगर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो वे सब्जी, दवाइयां, बोतलें, केबल ड्रम और अन्य जरूरी सामान लेकर पहाड़ नहीं जाएंगे। इसका सीधा असर राज्य की सप्लाई पर पड़ेगा।

“मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी आवाज” – रिफाकत मीडिया प्रभारी एसोसिएशन

एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी रिफाकत ने कहा कि इस घटना ने पूरे ट्रांसपोर्ट जगत को हिला दिया है।
“ड्राइवर अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि वही असुरक्षित होंगे तो माल ढुलाई कैसे चलेगी? सरकार को चाहिए कि तुरंत सख्त और दंडात्मक कानून बनाए। हम इस मुद्दे को डीएम हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री तक पहुंचाएंगे। यदि सरकार चुप रही तो हम आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर ले जाएंगे।”


नाकाफी कार्रवाई पर गुस्सा

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए कहा कि केवल मुकदमा दर्ज कर लेना और गिरफ्तारी कर देना पर्याप्त नहीं है। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ड्राइवर के साथ दुर्व्यवहार करने की हिम्मत न कर सके।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो वे प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन करेंगे।

रोष में ट्रांसपोर्ट जगत

प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि यह सिर्फ रिजवान का मामला नहीं है, बल्कि पूरे ड्राइवर समाज की सुरक्षा का सवाल है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो माल ढुलाई ठप हो जाएगी। इसका असर दवाई, सब्जी, फैक्ट्री का माल, निर्माण सामग्री हर चीज पर पड़ेगा।

हरिद्वार से उठी यह आवाज अब मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री तक पहुंचेगी। सवाल यही है कि क्या सरकार समय रहते ड्राइवरों की सुरक्षा पर ठोस कदम उठाएगी या फिर ट्रांसपोर्ट जगत बड़े आंदोलन की राह पकड़ेगा?

👉 श्रीनगर धारीदेवी की घटना ने न केवल एक ड्राइवर बल्कि पूरे परिवहन जगत को झकझोर दिया है। ट्रांसपोर्ट संगठन अब सरकार को खुली चुनौती दे चुके हैं – “सुरक्षा दो, वरना चक्का जाम होगा।”

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