पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की नई पहल,, मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी बैठक संपन्न,, दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों और बीमार पत्रकारों को आर्थिक सहारा,,गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो पत्रकारों को उनके उपचार के लिए 05-05 लाख रुपये की सहायता देने की भी संस्तुति,, चार वरिष्ठ पत्रकारों को 8,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की स्वीकृति के लिए संस्तुति

इन्तजार रजा हरिद्वार- पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की नई पहल,,
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी बैठक संपन्न,,
दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों और बीमार पत्रकारों को आर्थिक सहारा,,गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो पत्रकारों को उनके उपचार के लिए 05-05 लाख रुपये की सहायता देने की भी संस्तुति,, चार वरिष्ठ पत्रकारों को 8,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की स्वीकृति के लिए संस्तुति

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद पत्रकारों के हितों और सम्मान को प्राथमिकता देने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। शनिवार को सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) तथा मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें पत्रकारों के कल्याण और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक में लंबित प्रकरणों पर गंभीरता से विचार करते हुए समिति ने पत्रकार कल्याण कोष के अंतर्गत 15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को 05-05 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की संस्तुति की। यह निर्णय उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जिन्होंने अपने परिजनों को खोया और आज जीविकोपार्जन में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
इसी के साथ समिति ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो पत्रकारों को उनके उपचार के लिए 05-05 लाख रुपये की सहायता देने की भी संस्तुति की। सूचना विभाग के अनुसार यह सहायता उन पत्रकारों को दी जा रही है जो लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और जिनके इलाज में भारी आर्थिक खर्च हो रहा है।
■ चार वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन
मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत समिति ने राज्य के चार वरिष्ठ पत्रकारों को 8,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की स्वीकृति के लिए संस्तुति की है। यह पेंशन उन वरिष्ठ पत्रकारों को दी जाएगी जिन्होंने अपना पूरा जीवन पत्रकारिता को समर्पित किया और आज आर्थिक रूप से सहायता के पात्र हैं।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा—
“राज्य सरकार पत्रकारों के सम्मान और उनके हितों के लिए लगातार संकल्पित भाव से काम कर रही है। संकट की स्थिति में पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता पहुंचाना सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सूचना विभाग सुनिश्चित कर रहा है कि सभी मामलों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण किया जाए।”
उन्होंने यह भी बताया कि नियमित अंतराल पर समितियों की बैठकों का आयोजन इसलिए किया जा रहा है ताकि ऐसी सहायता समय पर पात्र पत्रकारों तक पहुंच सके।
■ बैठक में शामिल अधिकारी और सदस्य
बैठक में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, संयुक्त निदेशक नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह तथा समिति के सदस्यगण लक्ष्मण सिंह नेगी, गिरीश तिवारी, अमित शर्मा और श्रीमती शशि शर्मा उपस्थित रहे।
■ पत्रकार समुदाय में सकारात्मक संदेश
सरकार के इस निर्णय को पत्रकार समुदाय में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल पत्रकारों के सम्मान को बढ़ाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकार पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हुए उनकी सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सहायता के लिए गंभीर है।
इस बैठक में लिए गए निर्णय निश्चित रूप से राज्य के पत्रकारों के लिए राहत और सम्मान का संदेश लेकर आए हैं। दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहयोग और बीमार पत्रकारों को उपचार सहायता मिलने से उनकी परेशानियों में कमी आएगी, वहीं वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन मिलना सरकार के सराहनीय कदमों में शामिल किया जा रहा है। पत्रकार समाज ने इसे पत्रकारिता की गरिमा और सुरक्षा के लिए एक जरूरी और संवेदनशील पहल बताया है।



