मॉर्निंग चेकिंग में परिवहन का बड़ा धमाका, खोल दी अवैध कैरियर की परतें,, कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब,, कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब नेहा झा एआरटीओ प्रवर्तन का सख़्त एक्शन – हरिद्वार में प्रवर्तन अभियान और भी कड़ा,, वाहन सीज़, जांच शुरू – कई और पर गिर सकती है गाज,, जानिए आखिर क्यों खतरनाक है कार कैरियर का फर्जी दस्तावेज़ों पर चलना?
हरिद्वार में बृहस्पतिवार सुबह परिवहन विभाग की मॉर्निंग चेकिंग ने ऐसा बड़ा खुलासा कर दिया जिसने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के चलते विभाग इन दिनों सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है। इसी अभियान के दौरान आज एक ऐसी गाड़ी पकड़ी गई जिसने साबित कर दिया कि कुछ वाहन मालिक नियमों को मज़ाक समझकर खुलेआम कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं। कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब
इन्तजार रजा हरिद्वार- मॉर्निंग चेकिंग में परिवहन का बड़ा धमाका, खोल दी अवैध कैरियर की परतें,,
कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब,, कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब
नेहा झा एआरटीओ प्रवर्तन का सख़्त एक्शन – हरिद्वार में प्रवर्तन अभियान और भी कड़ा,,
वाहन सीज़, जांच शुरू – कई और पर गिर सकती है गाज,,
जानिए आखिर क्यों खतरनाक है कार कैरियर का फर्जी दस्तावेज़ों पर चलना?
हरिद्वार में बृहस्पतिवार सुबह परिवहन विभाग की मॉर्निंग चेकिंग ने ऐसा बड़ा खुलासा कर दिया जिसने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के चलते विभाग इन दिनों सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है। इसी अभियान के दौरान आज एक ऐसी गाड़ी पकड़ी गई जिसने साबित कर दिया कि कुछ वाहन मालिक नियमों को मज़ाक समझकर खुलेआम कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं।
कार कैरियर… लेकिन कागज़ों में ट्रक! बड़ा खेल बेनक़ाब
चेकिंग टीम ने एक चमकदार कार कैरियर वाहन को रोका। देखने में बिल्कुल वैसा—ऊपर कारें लोड करने की जगह, हाइड्रा रैंप, पूरा सेटअप। लेकिन जैसे ही आरसी की जांच की गई, बड़ा खेल सामने आया।
आरसी में दर्ज था—“ट्रक क्लोज्ड बॉडी”!
यानी सड़क पर कार कैरियर की तरह चल रहा भारी वाहन असल में ट्रक के कागज़ों पर दौड़ रहा था।
यह सिर्फ छोटी गड़बड़ी नहीं बल्कि स्पष्ट दस्तावेज़ीय फर्जीवाड़ा और कानून की खुली अवहेलना है।
टीम ने सेकंड भर भी देरी नहीं की—वाहन को मौके पर ही सीज़ कर दिया गया।
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि जिलाधिकारी के आदेशों के बाद विभाग अब किसी भी तरह की चालाकी या काग़ज़ी जालसाज़ी को बर्दाश्त करने वाला नहीं है।
वाहन सीज़, जांच शुरू – कई और पर गिर सकती है गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विस्तृत जांच का जिम्मा संभागीय निरीक्षक को दिया गया है।
वे यह जांच करेंगे कि—
- क्या वाहन जानबूझकर गलत दस्तावेज़ों पर चलाया जा रहा था?
- क्या यह एक अलग मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है?
- क्या टैक्स, परमिट या फिटनेस में भी अनियमितता की गई?
- क्या यह वाहन पहले भी इसी तरीके से चला है?
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि वाहन रिलीज़ होगा या मालिक पर भारी जुर्माना, मुकदमा या अन्य कार्रवाई होगी।
अधिकारियों के अनुसार, चूंकि मामला दस्तावेज़ीय धोखाधड़ी का है, इसलिए कार्रवाई हल्की नहीं होगी।
नेहा झा का सख़्त संदेश – अब कोई ढिलाई नहीं
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा ने इस कार्रवाई के बाद दो टूक संदेश दिया।
उनके शब्दों में—
“जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहा प्रवर्तन अभियान लगातार और तेज़ी से जारी रहेगा। नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले को सड़क दुर्घटनाओं से न्यूनतम रखने का लक्ष्य तय किया गया है।
और यह तभी संभव है जब भारी वाहनों पर नकेल कसी जाए, क्योंकि अधिकतर बड़ी दुर्घटनाएँ भारी वाहनों की अनियमितताओं से जुड़ी मिलती हैं।
नेहा झा के अनुसार, फर्जी दस्तावेज़ों पर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई न सिर्फ कानून का हिस्सा है बल्कि यह सुरक्षा का बुनियादी दायित्व भी है।
क्यों खतरनाक है कार कैरियर का फर्जी दस्तावेज़ों पर चलना?
यह मामला सिर्फ परमिट गड़बड़ी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई गंभीर खतरे छिपे हैं—
✔ सड़क सुरक्षा को बड़ा खतरा
कार कैरियर vehicles हाई-रिस्क कैटेगरी में आते हैं। इनका ब्रेकिंग सिस्टम, बैलेंस, लोडिंग क्षमता और फिटनेस बहुत महत्वपूर्ण होती है।
गलत दस्तावेज़ का मतलब फिटनेस व मानकों की अनदेखी—जो जानलेवा हो सकता है।
✔ दुर्घटना का बढ़ता जोखिम
कागज़ों में ट्रक और मैदान में कार कैरियर।
मतलब वाहन की असल स्थिति का रेकॉर्ड ही गलत।
ऐसे वाहन दुर्घटना की स्थिति में जांच और जिम्मेदारी दोनों को जटिल बना देते हैं।
✔ टैक्स और परमिट की खुली चोरी
कार कैरियर और ट्रक के टैक्स और परमिट नियम अलग-अलग होते हैं।
ऐसे फर्जीवाड़े से सीधा सरकारी राजस्व को नुकसान।
✔ ऑपरेटरों में गलत प्रवृत्ति बढ़ती है
ऐसे कृत्य अगर पकड़े न जाएं तो गलत तरीके से चलने वाले वाहन मालिकों का हौसला बढ़ता है।
इसीलिए विभाग अब जीरो टॉलरेंस मोड पर है।

हरिद्वार में पिछले कुछ महीनों में परिवहन विभाग ने चेकिंग व्यवस्था को नए स्तर पर पहुंचाया है। सुबह-सुबह की अचानक चेकिंग ने कई फर्जी फिटनेस, ओवरलोडिंग और गलत परमिट वाले वाहनों का पर्दाफाश किया है।
आज की कार्रवाई एक उदाहरण है कि विभाग अब सिर्फ औपचारिकता नहीं निभा रहा बल्कि टारगेटेड स्ट्राइक मोड में काम कर रहा है।
इस प्रकार की चेकिंग सड़क हादसों की रोकथाम में बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
अभियान अब और कड़ा होगा
अधिकारियों का कहना है कि यह तो शुरुआती चेतावनी है।
आने वाले दिनों में—
- बड़े वाहन
- परमिट धारक कैरियर
- इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्ट
- ऑल इंडिया परमिट वाहन
सभी पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जो भी वाहन कागज़ी खेल में नियमों से बचने की कोशिश करेगा, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
नेहा झा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)हरिद्वार
“आज मॉर्निंग चेकिंग के दौरान एक कार कैरियर वाहन रोका गया। लेकिन जांच में पाया गया कि उसकी आरसी में ‘ट्रक क्लोज्ड बॉडी’ दर्ज है। यह गंभीर दस्तावेज़ीय गड़बड़ी है। इसलिए वाहन को मौके पर ही सीज़ किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहा अभियान और भी कठोर होगा। नियम तोड़ने वालों को अब किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।”



