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क्वांटम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2025 राज्यपाल ने उत्कृष्ट प्रतिभाओं को किया सम्मानित “बड़े सपने देखें और सीखना कभी न छोड़ें”— राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह

इन्तजार रजा हरिद्वार ✨ क्वांटम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2025
राज्यपाल ने उत्कृष्ट प्रतिभाओं को किया सम्मानित
“बड़े सपने देखें और सीखना कभी न छोड़ें”— राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह

रुड़की, 15 नवम्बर 2025।
क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की का 5वां दीक्षांत समारोह आज प्रदेश के लिए प्रेरणादायी और भावनाओं से भरा हुआ रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब रहा, जब विश्वविद्यालय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्रा साक्षी राज को “प्रेसिडेंस मेडल” प्रदान किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह से विशेष सराहना प्राप्त की।

🌟 विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और अनुशासन अपनाने का संदेश

दीक्षांत भाषण में राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का वह स्वर्णिम पल है, जो परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम होता है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा—
“सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यह लंबे समय तक किए गए कठिन परिश्रम, धैर्य और अनुशासन का परिणाम है।”उन्होंने युवा वर्ग से आग्रह किया कि वे बड़े, असीमित और साहसिक सपने देखें तथा उन्हें साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम, दृढ़ संकल्प, सकारात्मक दृष्टिकोण और ईमानदारी को अपने चरित्र का हिस्सा बनाएं।

🌟 “लाइफ लॉन्ग लर्निंग अपनाएं”— तकनीक और नवाचार पर राज्यपाल का जोर

राज्यपाल ने अपने प्रेरक संबोधन में आधुनिक समय की तकनीकी क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युग एआई, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और तकनीकी नवाचार पर आधारित है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य के बदलते परिदृश्य के अनुसार स्वयं को निरंतर अपडेट करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा—
“भविष्य में वही युवा नेतृत्व करेगा, जो सीखना बंद नहीं करेगा और नई तकनीकों को आत्मसात करता रहेगा।”राज्यपाल ने नैतिकता, चरित्र, विनम्रता और मानवीय मूल्यों को स्थायी सफलता के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रतिभा महत्वपूर्ण है, लेकिन चरित्र व्यक्ति को शीर्ष तक पहुंचाने की वास्तविक कुंजी है।

🌟 अमृत काल और विकसित भारत— युवाओं को दी बड़ी जिम्मेदारी

अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारत अमृत काल की महत्वपूर्ण यात्रा पर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश के युवाओं की सक्रिय भूमिका से ही संभव होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि क्वांटम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने कौशल, अनुशासन और नवाचार से प्रदेश और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।राज्यपाल ने वर्ष 2024–25 में विश्वविद्यालय द्वारा अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रगति न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।शिक्षकों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल बोले—
“एक शिक्षक सिर्फ ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में दिशा देने वाला दीपस्तंभ होता है।”

🌟 कुलपति ने बताई उपलब्धियां, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा कार्यक्रम का गौरव

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेक कुमार ने वर्षभर की उपलब्धियों, रिसर्च प्रोजेक्ट्स, उद्योग सहयोग और छात्रों के उत्कृष्ट परिणामों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्वांटम विश्वविद्यालय प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

समारोह में विधायक श्रीमती ममता राकेश, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अजय गोयल, संस्थापक अध्यक्ष श्याम सुन्दर गोयल, पूर्व अध्यक्ष भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक, कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित सहित विश्वविद्यालय के अन्य सदस्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह सम्पन्न हुआ, जिसने हर विद्यार्थी के मन में नए सपनों, नई ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा को सशक्त किया।

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