देवेश घिल्डियाल बने उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामनगर महाधिवेशन में सर्वसम्मति से हुआ ऐतिहासिक चयन संगठन को संघर्षशील, सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने का ऐलान

इन्तजार रजा हरिद्वार- देवेश घिल्डियाल बने उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष
रामनगर महाधिवेशन में सर्वसम्मति से हुआ ऐतिहासिक चयन
संगठन को संघर्षशील, सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने का ऐलान

रामनगर/नैनीताल, 17 फरवरी 2026।
में आयोजित के छठे महाधिवेशन में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए श्री देवेश घिल्डियाल को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। दो दिवसीय अधिवेशन में प्रदेशभर से पहुंचे लेखपालों और मैदानी राजस्व निरीक्षकों ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगाई।
महाधिवेशन का माहौल संगठनात्मक एकता और उत्साह से भरा रहा। जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए श्री देवेश घिल्डियाल के नाम की घोषणा हुई, सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। उपस्थित प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा।

जिम्मेदारी के साथ नई शुरुआत
नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेश घिल्डियाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह दायित्व केवल एक पद नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लेखपालों की अपेक्षाओं और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संगठन की प्राथमिकता लेखपालों की सेवा शर्तों में सुधार, कार्यस्थल की समस्याओं का समाधान और राजस्व विभाग में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाना होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, आपदा प्रबंधन, राजस्व वसूली और ग्रामीण प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लेखपालों की भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में आवश्यक है कि उन्हें संसाधन, प्रशिक्षण और उचित सम्मान मिले।

एकता ही संगठन की ताकत
महाधिवेशन के दौरान कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए और संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक संगठन मजबूत और एकजुट रहेगा, तब तक लेखपालों की आवाज शासन-प्रशासन तक प्रभावी रूप से पहुंचती रहेगी।
श्री घिल्डियाल ने आश्वस्त किया कि वे सभी जनपदों के पदाधिकारियों के साथ नियमित संवाद स्थापित करेंगे और जमीनी स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने पारदर्शी कार्यशैली और टीम भावना के साथ काम करने का भरोसा दिलाया।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हुआ चयन
प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदों का चयन लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिससे पूरे अधिवेशन में अनुशासन और विश्वास का वातावरण बना रहा।
प्रतिनिधियों ने इसे संगठन की परिपक्वता और एकजुटता का उदाहरण बताया। सर्वसम्मति से हुआ यह चयन इस बात का संकेत है कि संगठन में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता और विश्वास कायम है।
भविष्य की रूपरेखा
महाधिवेशन के समापन सत्र में यह निर्णय लिया गया कि संगठन आने वाले समय में लेखपालों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगा। सेवा संबंधी विसंगतियों, पदोन्नति, वेतनमान और कार्यभार संतुलन जैसे विषयों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत, सक्रिय और संघर्षशील बनाए रखने का संकल्प लिया।प्रदेश अध्यक्ष के रूप में श्री देवेश घिल्डियाल का चयन संगठन के लिए नई दिशा और नई ऊर्जा का संकेत माना जा रहा है। अब प्रदेशभर के लेखपालों की निगाहें उनके नेतृत्व पर टिकी हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि संगठनात्मक एकता के बल पर आने वाले समय में सकारात्मक और ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।



