सलेमपुर-दादुपुर–सुमन नगर में फिर फलफूल रहा अवैध प्लाटिंग/कालोनियों का खेल,, एचआरडीए की सख्ती के बावजूद दर्जनों अवैध कॉलोनियां सक्रिय, जनता से खुली ठगी,, अर्द्ध कुंभ की तैयारियों में व्यस्त प्राधिकरण, मौके का फायदा उठा रहे भूमाफिया
हरिद्वार के सलेमपुर, दादुपुर और सुमन नगर क्षेत्र में एक बार फिर अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से पनपता नजर आ रहा है। यह सब कुछ Haridwar-Roorkee Development Authority (एचआरडीए) की पूर्व सख्ती और बड़ी कार्रवाई के बावजूद हो रहा है। हालांकि इस बार प्रशासनिक ढिलाई से ज्यादा कारण प्राधिकरण की अर्द्ध कुंभ की तैयारियों में बढ़ी व्यस्तता को माना जा रहा है, जिसका फायदा भूमाफिया खुलेआम उठा रहे हैं।

इन्तजार रजा हरिद्वार- सलेमपुर-दादुपुर–सुमन नगर में फिर फलफूल रहा अवैध प्लाटिंग/कालोनियों का खेल,,
एचआरडीए की सख्ती के बावजूद दर्जनों अवैध कॉलोनियां सक्रिय, जनता से खुली ठगी,,
अर्द्ध कुंभ की तैयारियों में व्यस्त प्राधिकरण, मौके का फायदा उठा रहे भूमाफिया

हरिद्वार के सलेमपुर, दादुपुर और सुमन नगर क्षेत्र में एक बार फिर अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से पनपता नजर आ रहा है। यह सब कुछ Haridwar-Roorkee Development Authority (एचआरडीए) की पूर्व सख्ती और बड़ी कार्रवाई के बावजूद हो रहा है। हालांकि इस बार प्रशासनिक ढिलाई से ज्यादा कारण प्राधिकरण की अर्द्ध कुंभ की तैयारियों में बढ़ी व्यस्तता को माना जा रहा है, जिसका फायदा भूमाफिया खुलेआम उठा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शों के दर्जनों नई कॉलोनियां काटी जा रही हैं। खेतों को प्लॉट में तब्दील कर सस्ते दामों का लालच दिया जा रहा है। न सड़क की वैध योजना, न सीवर लाइन, न पेयजल और न ही विद्युत आपूर्ति की स्पष्ट व्यवस्था—इसके बावजूद “रेडी टू मूव” और “प्राधिकरण से पास” जैसे भ्रामक दावे कर लोगों को फंसाया जा रहा है।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाम होते ही कई जगहों पर तेजी से प्लॉटिंग का काम चलता है। अस्थायी रास्ते बनाकर जमीन को रिहायशी कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है। कई लोग बिना दस्तावेजों की पूरी जांच किए जीवनभर की पूंजी निवेश कर रहे हैं, जो भविष्य में भारी जोखिम बन सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि जमीन खरीदने से पहले एचआरडीए से नक्शा स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) और कॉलोनी की वैधता की पुष्टि अवश्य करें। अन्यथा भविष्य में यदि कार्रवाई होती है तो खरीदार को ही सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।
अब आवश्यकता इस बात की है कि अर्द्ध कुंभ की व्यस्तताओं के बीच भी एचआरडीए विशेष निगरानी दल गठित कर इन क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे। साथ ही, अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दे कि धार्मिक आयोजन की तैयारियों का अर्थ कानून से समझौता नहीं है।
जनता उम्मीद कर रही है कि अर्द्ध कुंभ की भव्यता के साथ-साथ शहर की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भूमाफियाओं के इस काले खेल पर स्थायी रोक लग सके।



