जनजागरूकता के साथ सख्त कार्रवाई – सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन का बड़ा कदम,, ट्रिपल राइडिंग बाइक दौड़ी बेपरवाह, बीच सड़क पर किसने रोकी रफ्तार की राह?,, बिन हेल्मेट सिर खाली, नियम ढीले – किस अधिकारी ने कस दिया सड़कों पर सुरक्षा का पहरा?,,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन प्रशासन सक्रिय,, एआरटीओ निखिल शर्मा बोले – नियम पालन ही दुर्घटनाओं पर रोक की असली चाबी

इन्तजार रजा हरिद्वार- जनजागरूकता के साथ सख्त कार्रवाई – सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन का बड़ा कदम,,
ट्रिपल राइडिंग बाइक दौड़ी बेपरवाह, बीच सड़क पर किसने रोकी रफ्तार की राह?,,
बिन हेल्मेट सिर खाली, नियम ढीले – किस अधिकारी ने कस दिया सड़कों पर सुरक्षा का पहरा?,,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन प्रशासन सक्रिय,,
एआरटीओ निखिल शर्मा बोले – नियम पालन ही दुर्घटनाओं पर रोक की असली चाबी
हरिद्वार, 22 फरवरी 2026।
जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर अब केवल चालान नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान पर भी जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में परिवहन प्रशासन ने विशेष प्रवर्तन और जागरूकता अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
रविवार को एआरटीओ नेहा झा के नेतृत्व में शहर के प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर सघन चेकिंग की गई। एआरटीओ (प्रशासन) स्वयं अभियान की मॉनिटरिंग करते नजर आए। अभियान के दौरान ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट वाहन संचालन, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। कुल 50 चालान किए गए तथा गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 10 वाहनों को सीज किया गया।
जनजागरूकता पर विशेष फोकस – केवल दंड नहीं, संवाद भी
परिवहन प्रशासन ने इस अभियान को केवल प्रवर्तन तक सीमित न रखते हुए जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया। कई स्थानों पर वाहन चालकों को रोककर हेलमेट की उपयोगिता, ट्रिपल राइडिंग के खतरे और दस्तावेज साथ रखने की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से समझाया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर पर गंभीर चोट के कारण होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। युवाओं से विशेष अपील की गई कि वे स्टंट और लापरवाही से बचें तथा सोशल मीडिया दिखावे के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
निर्देश स्पष्ट – नियम तोड़ने पर अब नहीं मिलेगी राहत
निखिल शर्मा एआरटीओ (प्रशासन) ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल चालान करना नहीं है, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जब तक हर नागरिक स्वयं नियमों का पालन नहीं करेगा, तब तक सुरक्षित यातायात व्यवस्था पूरी तरह संभव नहीं है।”
उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की:
- दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें।
- ट्रिपल राइडिंग से बचें।
- वाहन के सभी वैध दस्तावेज साथ रखें।
- तेज गति और लापरवाह ड्राइविंग से परहेज करें।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों और हाईवे पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मुहिम जारी
जिलाधिकारी के निर्देशन में चल रहा यह अभियान जनहित में निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता ही स्थायी समाधान है।

शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि नियमित रूप से इस प्रकार की कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी। एआरटीओ परिवहन प्रशासन निखिल शर्मा ने साफ किया है कि नियमों का पालन कराने के लिए भविष्य में और अधिक सख्ती बरती जाएगी। सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित यातायात व्यवस्था ही जनपद के विकास और नागरिकों की सुरक्षा की आधारशिला है।



