
इन्तजार रजा हरिद्वार- चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साइबर अलर्ट,,
हेलीकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील,,
SSP साइबर एसटीएफ अजय सिंह ने जारी किया विशेष संदेश, सतर्कता को बताया सबसे बड़ा बचाव
देवभूमि उत्तराखंड में शुरू हो चुकी चारधाम यात्रा को देखते हुए साइबर अपराधियों की गतिविधियां भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए साइबर एसटीएफ उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने देशभर से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष साइबर अलर्ट जारी किया है।
उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से यात्रियों को चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर ठग अब पहले से कहीं ज्यादा शातिर और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। वे हेलीकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग और चारधाम यात्रा पंजीकरण के नाम पर बिल्कुल असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
एसएसपी साइबर एसटीएफ अजय सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि वे उत्तराखंड आने से पहले किसी भी वेबसाइट या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें, क्योंकि जरा सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को ठगों के हाथों में पहुंचा सकती है।
अक्षरों का घातक मायाजाल: असली और नकली वेबसाइट में बेहद मामूली अंतर
साइबर अपराधी वेबसाइट क्लोनिंग का सहारा लेकर श्रद्धालुओं को भ्रमित कर रहे हैं। इसमें वे सरकारी या अधिकृत वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाते हैं और उसमें मामूली बदलाव कर देते हैं, जिससे आम व्यक्ति को फर्क समझ में नहीं आता।
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार ठग आमतौर पर वेबसाइट के अक्षरों और अंकों में छोटी-छोटी चालाकियां करते हैं। उदाहरण के तौर पर जहां असली वेबसाइट में अंग्रेजी का अक्षर ‘O’ होता है, वहां ठग ‘0’ (शून्य) का इस्तेमाल कर देते हैं। इसी तरह कई बार ‘i’ की जगह ‘l’ लिख दिया जाता है या फिर किसी शब्द में एक अतिरिक्त अक्षर जोड़ दिया जाता है।
जल्दबाजी में लोग इन बारीकियों को नजरअंदाज कर देते हैं और उसी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या भुगतान कर बैठते हैं। यही वह मौका होता है जब ठग यात्रियों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं या एडवांस बुकिंग के नाम पर ठगी कर लेते हैं।
ठगी के नए तरीके: हेलीकॉप्टर टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर जाल
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठग कई नए तरीके अपनाकर श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे हैं।
सबसे ज्यादा मामले हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग से जुड़े सामने आ रहे हैं। ठग कम कीमत या वीआईपी दर्शन का लालच देकर फर्जी वेबसाइट के जरिए हेलीकॉप्टर टिकट बुक करने का ऑफर देते हैं। श्रद्धालु जब भुगतान कर देते हैं तो बाद में पता चलता है कि टिकट ही फर्जी है और वेबसाइट भी गायब हो चुकी है।
इसी तरह होटल बुकिंग से जुड़ी ठगी भी तेजी से बढ़ रही है। साइबर अपराधी गूगल मैप्स पर होटलों के संपर्क नंबर बदलकर अपनी फर्जी नंबर डाल देते हैं। जब कोई श्रद्धालु होटल में कमरा बुक करने के लिए फोन करता है तो ठग खुद को होटल स्टाफ बताकर एडवांस पेमेंट मांग लेते हैं। पैसा भेजते ही उनका नंबर बंद हो जाता है।
चारधाम यात्रा पंजीकरण के नाम पर भी ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसमें श्रद्धालुओं को व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी लिंक भेजा जाता है। उस लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाती है।
साइबर एसटीएफ की सलाह: इन सावधानियों से बच सकते हैं ठगी से
साइबर एसटीएफ उत्तराखंड ने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
सबसे पहले यह ध्यान रखें कि गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन पर दिखाई देने वाले सबसे ऊपर के लिंक हमेशा सुरक्षित नहीं होते। कई बार ये लिंक Ad या Sponsored होते हैं, जिन्हें ठग पैसे देकर ऊपर दिखवाते हैं। इसलिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
बुकिंग करते समय वेबसाइट के URL को ध्यान से पढ़ें। एक-एक अक्षर को गौर से देखकर सुनिश्चित करें कि वह सही सरकारी या अधिकृत वेबसाइट ही है।
किसी भी व्यक्ति के कहने पर फोन के माध्यम से QR कोड स्कैन करके या किसी निजी खाते में पैसे भेजने से बचें। अधिकृत वेबसाइट या आधिकारिक भुगतान गेटवे के माध्यम से ही भुगतान करें।
यदि आप किसी होटल में कमरा बुक कर रहे हैं तो पहले उस होटल के आधिकारिक लैंडलाइन नंबर पर संपर्क करके पुष्टि जरूर कर लें। केवल मोबाइल नंबर के आधार पर एडवांस भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।
“सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव” – SSP अजय सिंह
साइबर एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड पुलिस यात्रियों की आस्था और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ठगों का डिजिटल जाल बहुत तेजी से फैल रहा है, लेकिन थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता से इनसे आसानी से बचा जा सकता है।
उनके अनुसार श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में निर्णय न लें और किसी भी वेबसाइट, लिंक या फोन कॉल पर भरोसा करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें।
अजय सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या फिर cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए।
उत्तराखंड पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से बचाने के लिए उत्तराखंड पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। सोशल मीडिया, वीडियो संदेश और जनसंपर्क के माध्यम से यात्रियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के संदेशों को अधिक से अधिक साझा करें ताकि अन्य लोग भी ठगों के जाल में फंसने से बच सकें।
इसके अलावा उत्तराखंड पुलिस ने साइबर क्राइम अवेयरनेस के लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जहां यात्रियों को समय-समय पर जरूरी अपडेट और सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
पुलिस का कहना है कि चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है और किसी भी श्रद्धालु को साइबर अपराधियों का शिकार होने से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसीलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की तैयारी करते समय डिजिटल सतर्कता को भी उतनी ही प्राथमिकता दें जितनी धार्मिक आस्था को देते हैं।



