उत्तराखंड की रजत जयंती पर ग्रामीणों के द्वार पहुँची प्रशासनिक पहल,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हलवाहेड़ी में लगाया विशेष शिविर, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश,, 25 ग्राम पंचायतों में होंगे रजत जयंती सप्ताह के अंतर्गत विशेष शिविर, विरासत से लेकर प्रमाणपत्र तक मिलेगा लाभ

इन्तजार रजा हरिद्वार-उत्तराखंड की रजत जयंती पर ग्रामीणों के द्वार पहुँची प्रशासनिक पहल,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हलवाहेड़ी में लगाया विशेष शिविर, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश,,
25 ग्राम पंचायतों में होंगे रजत जयंती सप्ताह के अंतर्गत विशेष शिविर, विरासत से लेकर प्रमाणपत्र तक मिलेगा लाभ
हरिद्वार/रुड़की, 24 अक्टूबर 2025।
उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में रजत जयंती सप्ताह उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में तहसील रुड़की क्षेत्र के अंतर्गत 25 ग्राम पंचायतों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य है—राजस्व, विरासत, अतिक्रमण, प्रमाणपत्र जारी करने और नागरिक सुविधा संबंधी कार्यों को जनता तक पहुंचाना। इसी अभियान के तहत आज ग्राम पंचायत हलवाहेड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर जिलाधिकारी का स्वागत किया। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि “राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रजत जयंती सप्ताह के अंतर्गत सरकार द्वारा विकास कार्यों की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और आम जनता की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।”
🔹 विशेष शिविरों में मिलेगा जनता को सीधा लाभ
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि तहसील रुड़की की 25 ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य शासकीय इकाइयाँ मिलकर जनता की समस्याओं को सुनेंगी और उनका समाधान करेंगी। शिविरों में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायतों को चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। साथ ही अविवादित विरासत के प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त UCC पोर्टल पर विवाह पंजीकरण के साथ-साथ आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र भी मौके पर निर्गत किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी समस्याओं या अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें वहीं दर्ज कराएं ताकि प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत हो सके।
🔹 ग्रामीणों ने रखी अपनी समस्याएं, डीएम ने दिए मौके पर निर्देश
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से भूमि का कटाव हो रहा है, जिससे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
इस पर जिलाधिकारी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ को निर्देश दिए कि वे स्थल निरीक्षण करें और भूमि कटाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्रस्ताव तैयार करें। ग्रामीणों ने यह भी अवगत कराया कि चार आंगनवाड़ी केंद्र निजी भवनों में संचालित हो रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी रुड़की सुमन कोटियाल को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का परीक्षण करें और आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
🔹 पात्र व्यक्तियों को मिला विरासत एवं यूसीसी प्रमाणपत्र
शिविर में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा पात्र ग्रामीणों को विरासत प्रमाणपत्र और UCC प्रमाणपत्र वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि “सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ऐसे विशेष शिविर जनता के लिए प्रशासन को सुलभ बनाने का माध्यम हैं।”
🔹 25 ग्राम पंचायतों में रजत जयंती विशेष शिविरों का कार्यक्रम तय
रुड़की तहसील के अंतर्गत निम्नलिखित ग्राम पंचायतों में रजत जयंती विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे —
🟣 24 अक्टूबर: हलवाहेड़ी, करौंदी जदीद मु, मन्नाखेड़ी, सुसाडी खुर्द, बुक्कनपुर
🟣 30 अक्टूबर: कलमपुर सैनी बांस, इकबालपुर कलेमपुर, गोपालपुर, मुन्डियाकी, सैदपुरा
🟣 03 नवंबर: बाजुहेड़ी, बन्दाखेड़ी, सकोती, हशामपुर, खेमपुर
🟣 07 नवंबर: भौरी, अखबरपुर झोंझा, कुआंहेड़ी, बुडपुर चौहान, खटका
इन शिविरों के माध्यम से शासन की सभी प्रमुख सेवाओं को सीधे गांवों तक पहुँचाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर जनता की शिकायतें सुनेंगे और तत्काल निस्तारण करेंगे।
🔹 विद्यालय निरीक्षण में गुणवत्ता पर जोर
विशेष शिविर के उपरांत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय हलवाहेड़ी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता की जानकारी ली। प्रधानाचार्य और शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मध्यान भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया और कहा कि भोजन रोस्टर के अनुसार और उत्तम गुणवत्ता का होना चाहिए ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
🔹 शासन की मंशा — जनता के द्वार पहुँचता प्रशासन
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि “उत्तराखंड की रजत जयंती सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प का अवसर है। यह वह समय है जब हमें राज्य के अगले 25 वर्षों की दिशा तय करनी है। शासन की मंशा है कि जनता की समस्याएं सुनने के लिए प्रशासन गांव-गांव पहुंचे और समाधान मौके पर किया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि इन शिविरों के माध्यम से शासन की पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
🔹 शिविर में उपस्थित अधिकारी व ग्रामीण
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, खंड विकास अधिकारी रुड़की सुमन कोटियाल, ग्राम प्रधान हलवाहेड़ी ज़ुल्फाना, नायब तहसीलदार रुड़की प्रवीण त्यागी, नायब तहसीलदार मंगलौर यूसुफ अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन इतनी नज़दीकी से जनता के बीच पहुँचा है।
हलवाहेड़ी का यह विशेष शिविर न केवल उत्तराखंड की रजत जयंती उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि इसने जनभागीदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता की नई मिसाल भी पेश की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में यह पहल निश्चय ही आने वाले शिविरों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, जिससे शासन के लाभ सच में “जनता के द्वार” तक पहुँच सकेंगे।



