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इंसानियत की मिसाल बनी 6 साल की निदा फातिमा,, पिरान कलियर से ईरान तक मोहब्बत का पैगाम, नन्ही बच्ची ने दान की गुल्लक,, इलाकाई लोगों ने भी बढ़ाया हाथ, 1.72 लाख रुपये की मदद ईरानी दूतावास में सौंपी,, खादिम इस्तखार साबरी,मा. अजीम सहित कलियर को एक प्रतिनिधिमंडल के द्वारा दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में सौंपा गया सहयोग

इन्तजार रजा हरिद्वार- इंसानियत की मिसाल बनी 6 साल की निदा फातिमा,,

पिरान कलियर से ईरान तक मोहब्बत का पैगाम, नन्ही बच्ची ने दान की गुल्लक,,

इलाकाई लोगों ने भी बढ़ाया हाथ, 1.72 लाख रुपये की मदद ईरानी दूतावास में सौंपी,,

खादिम इस्तखार साबरी,मा. अजीम सहित कलियर को एक प्रतिनिधिमंडल के द्वारा दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में सौंपा गया सहयोग


“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना…” यह पंक्ति अक्सर इंसानियत और भाईचारे की मिसाल के रूप में कही जाती है, लेकिन पिरान कलियर की महज़ 6 साल की मासूम बच्ची निदा फातिमा ने इस कहावत को अपने छोटे से कदम से सच साबित कर दिया।

भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मास्टर अज़ीम अहमद की सुपुत्री निदा फातिमा ने अपनी कई वर्षों से जमा की हुई गुल्लक ईरान की मदद के लिए दान कर दी। एक मासूम बच्ची का यह नेक कदम न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया, बल्कि लोगों के दिलों को भी छू गया।

नन्ही बच्ची की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती। छोटी सी उम्र में दूसरों के दर्द को समझना और मदद के लिए आगे आना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

नन्ही निदा से प्रेरित होकर लोगों ने जुटाए 1.72 लाख रुपये

निदा फातिमा के इस मानवीय कदम से प्रेरित होकर पिरान कलियर और आसपास के गांवों के लोगों ने भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया। देखते ही देखते क्षेत्रवासियों ने इंसानियत और भाईचारे के जज्बे के साथ आर्थिक सहयोग देना शुरू कर दिया।

स्थानीय लोगों के सहयोग से कुल 1,72,051 रुपये की धनराशि एकत्रित की गई। यह रकम ईरान की सहायता के लिए समर्पित की गई, जो भारत और ईरान के बीच मानवीय और सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई को भी दर्शाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि जहां आज के दौर में लोग अपनी निजी जरूरतों में व्यस्त रहते हैं, वहीं एक छोटी बच्ची ने अपनी गुल्लक के एक-एक रुपये को दूसरों की मदद के लिए देकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि निदा फातिमा का यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और इंसानियत की मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा।

दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में सौंपा गया सहयोग

इस नेक पहल के तहत एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचा। वहां ईरान के राजदूत से मुलाकात कर क्षेत्रवासियों की ओर से एकत्रित धनराशि और निदा फातिमा की गुल्लक उन्हें सौंपी गई।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के सर्वोच्च नेता की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी शोक संवेदनाएं भी प्रकट कीं।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित पहुंचा, जहां भारत में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि से मुलाकात की गई।

डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मासूम निदा फातिमा और पिरान कलियर क्षेत्रवासियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम इंसानियत और भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने भारत और ईरान के लोगों के बीच आपसी मोहब्बत, भाईचारे और विश्व शांति के लिए विशेष दुआ भी कराई।


मानवता का बड़ा संदेश बन गई छोटी सी पहल

मास्टर अज़ीम अहमद की बेटी द्वारा उठाया गया यह छोटा सा कदम एक बड़े संदेश का कारण बन गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि समाज में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं, जहां एक छोटी बच्ची अपने व्यक्तिगत संग्रह को दूसरों की सहायता के लिए समर्पित कर देती है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि निदा फातिमा ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत और सहानुभूति का भाव दिल से आता है, उम्र से नहीं।

पिरान कलियर और आसपास के क्षेत्रों में इस पहल की जमकर सराहना हो रही है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी निदा फातिमा के इस कदम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि समाज में अगर इसी तरह इंसानियत की भावना बढ़ती रही तो दुनिया में शांति और भाईचारे का संदेश और मजबूत होगा।

इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को सराहते हुए कहा कि नन्ही बच्ची की यह कोशिश समाज में मानवता, सहयोग और भाईचारे की मिसाल के रूप में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

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