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मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का ग्रीन टूरिज्म मॉडल,, 🔷 टिपरी से मदन नेगी तक रोपवे परियोजना पर Contractor Conclave में नए अध्याय का सृजन,, 🔷 देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों की भागीदारी, टिहरी झील क्षेत्र को मिलेगा पर्यटन का नया आयाम

इन्तजार रजा हरिद्वार-🔷 मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का ग्रीन टूरिज्म मॉडल,,
🔷 टिपरी से मदन नेगी तक रोपवे परियोजना पर Contractor Conclave में नए अध्याय का सृजन,,
🔷 देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों की भागीदारी, टिहरी झील क्षेत्र को मिलेगा पर्यटन का नया आयाम

देहरादून, 28 जुलाई 2025।
उत्तराखण्ड में पर्यटन को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील, समावेशी और जलवायु अनुकूल बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) द्वारा टिपरी से मदन नेगी तक प्रस्तावित अत्याधुनिक रोपवे परियोजना के संदर्भ में Contractor Conclave का आयोजन देहरादून स्थित परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU), एस.आई.सी.आर.टी.डी. परिसर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

इस Conclave की अध्यक्षता परियोजना निदेशक एवं अपर सचिव पर्यटन श्री अभिषेक रोहेला ने की। यह आयोजन एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा सहायतित “Sustainable, Inclusive and Climate Resilient Tourism Development at the Tehri Lake Area Project” के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश की रोपवे निर्माण, संचालन और विनिर्माण से जुड़ी शीर्ष कंपनियों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता दर्ज की। इनमें प्रमुख रूप से NHLML, Adani Group, CRSPL, Aarconinfra Ropeways, DGVK Enterprise, Tata Consultancy, POMA France, Bartholet Maschinenbau AG (Switzerland), Vishwa Samudra Group सहित उत्तराखण्ड की प्रमुख निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल शामिल रहीं।

रोपवे परियोजना का महत्व:

टिहरी झील क्षेत्र के टिपरी से मदन नेगी तक प्रस्तावित यह उन्नयन परियोजना न केवल एक अत्याधुनिक रोपवे प्रणाली के विकास का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य सरकार की पर्यटन के साथ-साथ दुर्गम क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की सोच को भी दर्शाती है। वर्तमान में चालू यह रोपवे प्रणाली पुरानी तकनीक पर आधारित है, जिसे अब अपग्रेड किया जा रहा है। नई तकनीक के साथ यह लगभग 988 मीटर लंबा सिंगल-स्पैन रोपवे बिना किसी मध्यवर्ती सपोर्ट टावर के कार्य करेगा, जो भारत में अपने आप में एक मिसाल होगा।

इस परियोजना से यात्रियों को जहां टिहरी झील, पर्वतीय प्राकृतिक सौंदर्य और वन आच्छादित मार्ग का अविस्मरणीय अनुभव मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह आजीविका, आवागमन और समृद्धि का नया जरिया भी बनेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी नीतियों के चलते इस प्रकार के नवाचारी परियोजनाएं उत्तराखण्ड को ग्रीन टूरिज्म मॉडल के रूप में स्थापित कर रही हैं।

Conclave के उद्देश्य:

इस सम्मेलन का उद्देश्य इच्छुक निर्माण एजेंसियों को प्रस्तावित रोपवे परियोजना से संबंधित तकनीकी, प्रबंधन और निविदा प्रक्रिया की पूर्व जानकारी देना था, ताकि भाग लेने वाली कंपनियों को निविदा प्रस्तुत करने में पारदर्शिता और सुविधा मिल सके। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञता साझा:

परियोजना के तकनीकी प्रस्तुतीकरण :
• परियोजना के डिज़ाइन कंसल्टेंट M/s Tractebel Engineering Pvt. Ltd. द्वारा प्रस्तावित रोपवे के डिज़ाइन, तकनीक एवं तकनीकी विनिर्देशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
• ब्रिडकुल द्वारा रोपवे की प्रस्तावित तकनीकी विशेषताओं, सुरक्षा उपायों तथा आपातकालीन रेस्क्यू प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना यात्रा समय में भारी कटौती के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन को बढ़ावा देती है, जिससे भविष्य में राज्य को सस्टेनेबल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट जन:

  • श्री जगत सिंह चौहान, वित्त निदेशक, पी०एम०यू०, एस.आई.सी.आर.टी.डी.
  • श्री राजेश पंत, अपर परियोजना निदेशक, पी०एम०यू०
  • श्री कमल कुमार सैनी, उप-महाप्रबंधक (रोपवे), ब्रिडकुल
  • श्री वाजिद अली, आवासीय अभियंता (सिविल), ब्रिडकुल
  • श्री कपिल कुमार, सिविल इंजीनियर, (Building & Infrastructure), पी०एम०यू०
  • श्री रमन कुमार, सपोर्ट इंजीनियर, पी०एम०यू०
  • श्री अभिषेक भारद्वाज, आवासीय अभियंता (विद्युत/यांत्रिक), ब्रिडकुल
  • प्रोक्योरमेंट एक्सपर्ट, आर्किटेक्ट्स व अन्य तकनीकी विशेषज्ञगण

मुख्यमंत्री धामी की विकासपरक सोच का सजीव उदाहरण:

उत्तराखण्ड की भौगोलिक विविधता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को सस्टेनेबिलिटी और रोजगार उन्मुख विकास के पथ पर आगे बढ़ाने की जो पहल की गई है, यह परियोजना उसी का प्रमाण है।
ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) जैसे मॉडल्स को एकीकृत कर, उत्तराखण्ड आज अपने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय लिख रहा है।

टिपरी से मदन नेगी रोपवे परियोजना के उन्नयन के माध्यम से न केवल टिहरी झील क्षेत्र का पर्यटन वाणिज्यिक दृष्टि से समृद्ध होगा, बल्कि यह उत्तराखण्ड के विकास की परिकल्पना को भी साकार करेगा। Conclave की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में विकास, नवाचार और पारदर्शिता का नया युग आरंभ हो चुका है।

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