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सीएम धामी बोले – सड़क हादसों के पीड़ित अकेले नहीं, सरकार हर कदम पर साथ,, हिट एंड रन योजना से मृत्यु पर 2 लाख और गंभीर चोट पर 50 हज़ार की मदद,, कैशलेस इलाज व 30 दिन में मुआवज़े की गारंटी से मिलेगा तुरंत सहारा

इन्तजार रजा हरिद्वार- सीएम धामी बोले – सड़क हादसों के पीड़ित अकेले नहीं, सरकार हर कदम पर साथ,,

हिट एंड रन योजना से मृत्यु पर 2 लाख और गंभीर चोट पर 50 हज़ार की मदद,,

कैशलेस इलाज व 30 दिन में मुआवज़े की गारंटी से मिलेगा तुरंत सहारा

हरिद्वार/देहरादून।

सड़क हादसों के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार की “हिट एंड रन योजना” बड़ी सहारा बन रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार इस योजना को पूरी तत्परता से लागू कर रही है, ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को समय पर मदद मिल सके।

सीएम धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा—“हमारी सरकार का संकल्प है कि सड़क हादसों के शिकार लोगों को त्वरित न्याय और सहायता मिले। पीड़ित परिवार को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े सभी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और कोई भी पीड़ित मुआवजे से वंचित न रहे।

कितना मुआवजा मिलेगा?

  • मृत्यु की स्थिति में परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50 हज़ार का मुआवजा मिलेगा।

आवेदन की प्रक्रिया

  1. दुर्घटना की FIR थाने में दर्ज करानी होगी।
  2. इसके बाद पीड़ित/परिजन को कलेक्टर या एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा।
  3. जाँच पूरी होते ही मुआवजा सीधे बैंक खाते में जमा किया जाएगा।

अस्पताल में कैशलेस इलाज

हादसे के तुरंत बाद पीड़ित को नजदीकी अस्पताल में ₹50,000 तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे शुरुआती उपचार में परिवार को पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

आवेदन की समय सीमा

दुर्घटना की तारीख से 6 महीने (180 दिन) के भीतर आवेदन करना आवश्यक है। खास परिस्थितियों में कलेक्टर या क्लेम सेटलमेंट कमेटी इस अवधि को बढ़ा सकती है।

त्वरित राहत

समय पर आवेदन करने पर मुआवजा राशि 30 दिन के भीतर उपलब्ध करा दी जाती है।

एआरटीओ नेहा झा की बाइट

हरिद्वार परिवहन विभाग की एआरटीओ (ई) नेहा झा ने कहा—
“हिट एंड रन योजना वास्तव में जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पीड़ित समय सीमा या प्रक्रिया की वजह से सहायता से वंचित न रह जाए। हम लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि दुर्घटना होने पर तुरंत FIR दर्ज कर आवेदन करें ताकि उन्हें जल्दी से जल्दी मुआवजा मिल सके।”

जनता को भरोसा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राहत की बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री धामी और परिवहन विभाग की प्रतिबद्धता से सड़क हादसों में पीड़ित परिवारों को अब आर्थिक व सामाजिक सहारा मिलेगा।

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