हरिद्वार में गूंजा ‘नशा मुक्त भारत’ का संदेश,, 🟥 जिला जज, डीएम और एसपी क्राइम ने दी युवाओं को नशा उन्मूलन की सीख,, 🟥 “नशे को जो अपनाएगा, पूरे जीवन वह पछताएगा” — जागरूकता रैली से उठी समाज परिवर्तन की पुकार
हरिद्वार की पवित्र धरती से रविवार को एक सशक्त संदेश देशभर में गूंज उठा — “नशा मुक्त भारत, स्वस्थ समाज की ओर कदम।” जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित “नशे को जो अपनाएगा, पूरे जीवन वह पछताएगा” शीर्षक से जागरूकता रैली ने युवाओं, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को एकजुट किया। यह रैली नासा योजना-2015 (नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं और नशा उन्मूलन हेतु कानूनी सेवाएं) के तहत आयोजित हुई, जिसका उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ चेतना जगाना और कानून के माध्यम से नशा उन्मूलन को सशक्त बनाना

इन्तजार रजा हरिद्वार-🟥 हरिद्वार में गूंजा ‘नशा मुक्त भारत’ का संदेश,,
🟥 जिला जज, डीएम और एसपी क्राइम ने दी युवाओं को नशा उन्मूलन की सीख,,
🟥 “नशे को जो अपनाएगा, पूरे जीवन वह पछताएगा” — जागरूकता रैली से उठी समाज परिवर्तन की पुकार
इन्तजार रजा, हरिद्वार।
हरिद्वार की पवित्र धरती से रविवार को एक सशक्त संदेश देशभर में गूंज उठा — “नशा मुक्त भारत, स्वस्थ समाज की ओर कदम।” जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित “नशे को जो अपनाएगा, पूरे जीवन वह पछताएगा” शीर्षक से जागरूकता रैली ने युवाओं, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को एकजुट किया। यह रैली नासा योजना-2015 (नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं और नशा उन्मूलन हेतु कानूनी सेवाएं) के तहत आयोजित हुई, जिसका उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ चेतना जगाना और कानून के माध्यम से नशा उन्मूलन को सशक्त बनाना था।
🔷 समाज के प्रहरी बने युवा: जिला जज नरेंद्र दत्त का आह्वान
रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेंद्र दत्त द्वारा किया गया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि—
“नशे की लत किसी व्यक्ति के जीवन को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को अंधकार की ओर धकेल देती है। आज का युवा देश का भविष्य है, और यदि वही भटक गया तो समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसलिए इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना ही सबसे बड़ा धर्म है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के हर वर्ग को नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए कानूनी सहायता प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। न्यायालयों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं को भी इस मिशन में भागीदार बनना चाहिए।
🔷 “नशा मुक्त हरिद्वार हमारा संकल्प” — जिलाधिकारी मयूर दीक्षित
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने युवाओं और अभिभावकों को जागरूक करते हुए कहा कि—
“आज के समय में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारे बच्चे नशे के चंगुल में न फँसे। नशा केवल अपराध को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि व्यक्ति के मानसिक और आर्थिक पतन का कारण भी बनता है। जिला प्रशासन लगातार स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। समाज का हर नागरिक यदि इसमें अपनी भूमिका निभाए, तो हम एक नशा मुक्त हरिद्वार और उत्तराखंड बना सकते हैं।”
उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में नियमित रूप से “नशा मुक्त जीवन” विषय पर गोष्ठियों का आयोजन किया जाए ताकि बच्चों में सही मार्गदर्शन का भाव विकसित हो सके।
🔷 एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा का सख्त संदेश: “पुलिस अभियान निरंतर जारी रहेगा”
इस मौके पर एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि—
“नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की नींव को तोड़ देता है। पुलिस विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है। हरिद्वार पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करा रही है। हमने कई ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ा है और यह अभियान आगे भी और सख्ती के साथ जारी रहेगा।”
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें, उनके व्यवहार में अचानक आने वाले बदलावों को नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते मदद लें।
🔷 बच्चों और युवाओं ने ली नशा मुक्त समाज की शपथ
रैली में सैकड़ों स्कूली बच्चों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर नशा मुक्त समाज का संकल्प लिया। “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “युवा जागे, देश आगे” जैसे नारे गूंजते रहे। सड़कों पर बच्चों ने तख्तियों और बैनरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
रैली का समापन जिला न्यायालय परिसर में हुआ, जहां सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। मंच से वक्ताओं ने कहा कि “नशे के खिलाफ जंग तभी जीती जा सकती है जब समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो।”
🔷 कानून और जनचेतना से होगा नशा मुक्त भारत का निर्माण
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि कानूनी और सामाजिक स्तर पर नशे के खिलाफ एकजुट मोर्चा तैयार करना था। कार्यक्रम में बताया गया कि नशा मुक्ति केंद्रों, परामर्श सेवाओं और विधिक सहायता कार्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा ताकि किसी भी नशा पीड़ित को तुरंत सहायता मिल सके।
📍 नरेंद्र दत्त, जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार:
“नशा युवाओं को अंधकार की ओर धकेल रहा है। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा समाधान है। समाज को एकजुट होकर इस बुराई से लड़ना होगा।”
📍 मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार:
“हमारा लक्ष्य हर घर, हर स्कूल और हर संस्था को नशा मुक्त बनाना है। प्रशासन इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।”
📍 जितेंद्र मेहरा, एसपी क्राइम/ यातायात हरिद्वार:
“पुलिस विभाग समाज के हर कोने में जाकर युवाओं को जागरूक करेगा। नशे के नेटवर्क पर हमारी सख्त कार्रवाई जारी है।”
🔷 रैली से निकला संकल्प: “हरिद्वार बनेगा नशा मुक्त शहर”
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश पूरे शहर में फैल गया कि नशा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है। हरिद्वार जैसे आध्यात्मिक नगर से निकली यह पुकार निश्चित ही पूरे उत्तराखंड और देश में एक नई चेतना का संचार करेगी। नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इस मिशन को अपना व्यक्तिगत दायित्व समझे।



