कोतवाली गंगनहर पुलिस ने आश मोहम्मद हत्याकांड का एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने किया सनसनीखेज़ खुलासा,, प्रेमिका के मंगेतर ने भाई के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम,, इंस्टाग्राम पर बुलावा भेजकर बनाई थी हत्या की साजिश, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा,, प्रेम, शक और अपराध का त्रिकोण – एक चेतावनीभरी कहानी

इन्तजार रजा हरिद्वार- कोतवाली गंगनहर पुलिस ने आश मोहम्मद हत्याकांड का एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने किया सनसनीखेज़ खुलासा,,
प्रेमिका के मंगेतर ने भाई के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम,,
इंस्टाग्राम पर बुलावा भेजकर बनाई थी हत्या की साजिश, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा,,
प्रेम, शक और अपराध का त्रिकोण – एक चेतावनीभरी कहानी
हरिद्वार। कोतवाली गंगनहर पुलिस ने आश मोहम्मद हत्याकांड का सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए मुख्य वांछित आरोपी इंतज़ार उर्फ अस्तग को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में जो खुलासे किए, उन्होंने प्रेम, शक और प्रतिशोध की एक भयावह कहानी को उजागर कर दिया। पुलिस के अनुसार, हत्यारोपी ने अपनी मंगेतर से प्रेम संबंध रखने वाले युवक आश मोहम्मद की गला रेतकर निर्मम हत्या की थी। मृतक के पिता की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह खुलासा किया है।
पिता की तहरीर से शुरू हुई जांच, गंगनहर पुलिस ने लिया मामला हाथ में
ग्राम रामपुर कोतवाली गंगनहर निवासी मोहम्मद इसरार ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनका बेटा आश मोहम्मद (26 अक्टूबर की रात) लगभग सात बजे घर से खाना खाकर मोबाइल लेकर निकला था। रातभर संपर्क न होने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। फोन लगातार बंद मिलने के बाद अगली सुबह यह जानकारी मिली कि गांव के ही एक युवक अस्तग ने उसे बुलाया था, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। कुछ घंटों बाद जब शव बरामद हुआ तो पूरा गांव सन्न रह गया।
पुलिस ने इस गंभीर मामले में मु0अ0स0 537/2025 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मामले की बारीकी से जांच शुरू की।
इंस्टाग्राम से बुलावा भेजकर रची गई थी हत्या की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों से यह जानकारी मिली कि मृतक आश मोहम्मद को घटना वाली रात आरोपी इंतजार उर्फ अस्तग ने इंस्टाग्राम के जरिए मिलने का संदेश भेजा था। आरोपी ने अपने मंगेतर और आश के बीच संबंधों की भनक लगने के बाद यह कदम उठाया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मंगनी हो चुकी थी, लेकिन जब उसे पता चला कि उसकी मंगेतर किसी अन्य युवक आश मोहम्मद से संपर्क में थी, तो उसके मन में बदले की आग भड़क उठी।
हत्यारोपी ने बताया कि उसने अपनी मंगेतर को नया मोबाइल और सिम दिलाने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया था। इसी बीच, इंस्टाग्राम पर मृतक से उसकी बात होने लगी। 26 अक्टूबर की रात उसने मृतक को शिव मंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया। दोनों ने वहां बैठकर नशा किया और फिर बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि अस्तग ने अपने पास रखे चाकू से आश के गले पर वार कर दिया।
भाई की मदद से गन्ने के खेत में की गई हत्या
आरोपी ने बताया कि वारदात के दौरान जब उसे लगा कि आश अभी जिंदा है, तो उसने अपने भाई को बुलाया। दोनों ने मिलकर आश का गला घोंट दिया और शव को शमशाद के गन्ने के खेत में ले जाकर धारदार चाकू से गला रेत दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने लगातार सुराग जुटाते हुए मुखबिर की सूचना पर इंतजार उर्फ अस्तग को रेलवे स्टेशन रूड़की के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। आरोपी ने पूरी वारदात की साजिश और हत्या की स्वीकारोक्ति पुलिस के सामने कर दी।
फरार भाई की तलाश में पुलिस टीम सक्रिय
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके भाई की तलाश में जुटी है, जिसने वारदात में साथ दिया था। कोतवाली गंगनहर प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश के लिए टीम रवाना कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर केस को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत कर सख्त सजा दिलाने की कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
आश मोहम्मद हत्याकांड के खुलासे में कोतवाली गंगनहर पुलिस की संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर भण्डारी, वरिष्ठ उप निरीक्षक दीप कुमार, उप निरीक्षक प्रवीण बिष्ट, अपर उप निरीक्षक मनीष कवि, हेड कांस्टेबल संदीप, अलियास, कांस्टेबल रणवीर, अजय, प्रभाकर, चालक कांस्टेबल लाल सिंह सहित सीआईयू प्रभारी मय टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस टीम के सतत प्रयासों और कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में न केवल आरोपी गिरफ्तार हुआ, बल्कि पूरे हत्याकांड का खुलासा भी रिकॉर्ड समय में हो गया।
प्रेम, शक और अपराध का त्रिकोण – एक चेतावनीभरी कहानी
यह पूरा मामला इस बात की मिसाल है कि किस तरह अंधे प्रेम और शक की भावना इंसान को अपराध की खाई में धकेल देती है। एक युवा जिसने अपने रिश्ते में दरार महसूस की, उसने बदले की आग में न केवल अपनी जिंदगी बर्बाद की, बल्कि एक मासूम की जान भी ले ली। कोतवाली गंगनहर पुलिस की तत्परता ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश कर एक परिवार को न्याय की उम्मीद दी है।



