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सड़क सुरक्षा पर सख्ती — ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर बढ़ी निगरानी,, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक,, हादसों के प्रमुख कारण ओवरस्पीडिंग और रेस्ट ड्राइविंग, एनफोर्समेंट टीमों की तैनाती के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरिद्वार में सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनपद सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनवरी से अक्टूबर 2025 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा में यह पाया गया कि अधिकांश हादसे नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर हुए, जहां ट्रैफिक लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे सभी स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया, ताकि निगरानी और एनफोर्समेंट को और मजबूत किया जा सके।

इन्तजार रजा हरिद्वार- सड़क सुरक्षा पर सख्ती — ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर बढ़ी निगरानी,,
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक,,
हादसों के प्रमुख कारण ओवरस्पीडिंग और रेस्ट ड्राइविंग, एनफोर्समेंट टीमों की तैनाती के दिए निर्देश

इन्तजार रजा, हरिद्वार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरिद्वार में सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनपद सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनवरी से अक्टूबर 2025 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा में यह पाया गया कि अधिकांश हादसे नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर हुए, जहां ट्रैफिक लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे सभी स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया, ताकि निगरानी और एनफोर्समेंट को और मजबूत किया जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल संयोग नहीं बल्कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि विश्लेषण से यह सामने आया है कि अधिकतर हादसे सुबह 6 से 9 बजे और शाम 6 से 9 बजे के बीच होते हैं, जब ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक रहता है। इन समयावधियों में एनफोर्समेंट टीमों को ब्लैक स्पॉट्स पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि रेस्ट ड्राइविंग (थकान में गाड़ी चलाना) और ओवरस्पीडिंग दो प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से हादसों में वृद्धि हो रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि इन दोनों बिंदुओं पर अब सख्ती से कार्रवाई होगी। पुलिस, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है कि हर संभावित ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड, साइन एज और स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगाए जाएं।

मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार ने कहा कि 

“सड़क सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हादसों की रोकथाम के लिए सभी विभाग समन्वय से कार्य कर रहे हैं। एनफोर्समेंट और जागरूकता, दोनों ही मोर्चों पर कार्रवाई तेज की गई है।” जिलाधिकारी ने कहा, “सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हर चालक को समझना होगा कि गति पर नियंत्रण ही जीवन की सुरक्षा है।”

 निखिल शर्मा, संभागीय परिवहन अधिकारी हरिद्वार ने बताया कि

“हम सड़क सुरक्षा के लिए सतत प्रयासरत हैं। हाईवे और शहर दोनों ही क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।” इस अवसर पर संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने कहा कि विभाग लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में हाईवे पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और मोबाइल पर बात करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, चालकों को सेफ ड्राइविंग और जागरूकता अभियानों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। निखिल शर्मा ने कहा, “हरिद्वार एक तीर्थनगरी है, यहां रोजाना हजारों वाहन आते-जाते हैं। इसलिए सड़क सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास रहेगा कि 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।”

बैठक में पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि ब्लैक स्पॉट्स की भौतिक जांच कर सुधारात्मक कार्य तुरंत प्रारंभ करें ताकि भविष्य में किसी भी जानलेवा दुर्घटना को रोका जा सके। हरिद्वार प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना ही नहीं, बल्कि लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई होगी। जिले में अब सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा और अनुशासन का प्रतीक बनेंगी — यही जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश रहा।

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