दिव्य–भव्य कुंभ 2027 की तैयारियां तेज,मेलाधिकारी सोनिका ने की प्रेसवार्ता,, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता प्राथमिकता,, स्वच्छता, यातायात और अतिक्रमण मुक्त कुंभ के लिए सख्त रणनीति पर समीक्षा बैठक

इन्तजार रजा हरिद्वार- दिव्य–भव्य कुंभ 2027 की तैयारियां तेज,मेलाधिकारी सोनिका ने की प्रेसवार्ता,,
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता प्राथमिकता,,
स्वच्छता, यातायात और अतिक्रमण मुक्त कुंभ के लिए सख्त रणनीति पर समीक्षा बैठक
हरिद्वार, 17 नवंबर 2025
2027 में आयोजित होने वाले महाकुंभ को दिव्य एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने के लिए कुंभ मेला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार और निगरानी दोनों को तीव्र कर दिया है। सीसीआर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में मेलाधिकारी सोनिका ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि शासन स्तर से कई महत्वपूर्ण कार्यों के शासनादेश जारी हो चुके हैं, और कई निर्माण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी कुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को अत्याधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और संगठित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी उद्देश्य से विभागीय स्तर पर समयबद्धता व गुणवत्तापूर्ण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
ऋषिकुल से सतनाम घाट तक 810 मीटर तट विकास कार्य तेज
मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा ऋषिकुल से साक्षी सतनाम घाट तक (लक्ष्मण घाट/भरत घाट) कुल 810 मीटर क्षेत्र में तट संरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसके अतिरिक्त अमरापुर घाट से ऋषिकुल पुल–शंकराचार्य चौक (तुलसी घाट) तक 770 मीटर लंबे मार्ग का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों मार्ग कुंभ के दौरान मुख्य आवागमन मार्ग माने जाते हैं, इसलिए इनका समय पर पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग के मरम्मत कार्य के लिए भी टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है, ताकि कुंभ के दौरान यहां से गुजरने वाले वाहनों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
पीडब्ल्यूडी के फोरलेन और चौड़ीकरण कार्यों पर फोकस
मेलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत संचालित होने वाले प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए शासनादेश जारी कर दिए गए हैं।महत्वपूर्ण फोरलेन परियोजना बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से भेल बैरियर नंबर-06 होते हुए शिवालिक नगर चौक) का चौड़ीकरण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही शुरू कर दिया जाएगा। यह मार्ग कुंभ के दौरान भारी वाहनों और श्रद्धालुओं के लिए मुख्य वैकल्पिक मार्ग की भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा दिल्ली–हरिद्वार–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-334) पर पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर–दिनारपुर–सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी–लक्सर–ज्वालापुर–NH-334A पर फेरूपुर तक सड़क का डेढ़ लेन चौड़ीकरण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह मार्ग कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात सुगमता में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगा।
गुणवत्ता पर सख्त निगरानी – किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सोनिका ने जोर देकर कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्माण एवं विकास कार्य गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को ध्यान में रखकर कराए जा रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा—
“गुणवत्ता में किसी तरह की शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।” इसके लिए विभागों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या खामी को तुरंत सुधारकर आगे बढ़ा जा सके।
स्वच्छता पर विशेष फोकस – चाक-चौबंद व्यवस्था
कुंभ में स्वच्छता को प्रशासन शीर्ष प्राथमिकता दे रहा है। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ क्षेत्र को शत-प्रतिशत स्वच्छ, धूल-मिट्टी रहित और कचरा मुक्त बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कचरा प्रबंधन, वेस्ट कलेक्शन सिस्टम, मोबाइल टॉयलेट, सीवर व्यवस्था और श्रमबल की तैनाती को लेकर भी विभागों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा—
“कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है और इसका पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।”
यातायात में राहत: चिन्हित हो रहे बड़े पार्किंग स्थल
कुंभ के दौरान जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पार्किंग स्थलों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ में वाहनों की संख्या अनुमान से कई गुना अधिक बढ़ जाती है, इस कारण वृहद पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता होती है। सोनिका ने कहा कि शहर और मेला क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चयनित किया जा रहा है जहाँ
- बड़े स्तर पर वाहन पार्क हो सकें
- पैदल मार्ग बाधित न हों
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो
यातायात विभाग और पुलिस के साथ मिलकर एक एकीकृत यातायात योजना भी तैयार की जा रही है।
कुंभ क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त – विशेष अभियान जारी
अतिक्रमण कुंभ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है। मेलाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अतिक्रमण करने वालों पर नियमित कार्रवाई, हटाने की प्रक्रिया और जुर्माने के प्रावधान पहले से लागू हैं। उन्होंने कहा— “कुंभ क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक – सुझाव भी लिए जा रहे
उन्होंने यह भी बताया कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए
- स्थानीय व्यापारियों
- सामाजिक संस्थाओं
- ट्रांसपोर्ट यूनियनों
- धार्मिक संगठनों
के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है, ताकि सभी पक्षों के सुझाव लेकर एक सर्वसमावेशी और व्यवहारिक मॉडल पर आगे बढ़ा जा सके। सोनिका ने कहा—
“दिव्य और भव्य कुंभ आयोजन सिर्फ सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन के सहयोग से ही संभव होगा।”
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे अधिकारी
इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, तथा विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार मौजूद रहे।



