ए.आई.टी.पी. बसों पर कसा शिकंजा,, परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई,, चार बसें सीज़, नियमों के उल्लंघन पर सख्त एक्शन,, क्यों हुई कार्रवाई? यात्री सूची न मिलने पर बड़ा कदम जाने क्या हैं ए.आई.टी.पी. परमिट की शर्तें? कड़े नियम, कड़ी निगरानी को लेकर अलर्ट हरिद्वार परिवहन विभाग

इन्तजार रजा हरिद्वार- ए.आई.टी.पी. बसों पर कसा शिकंजा,,
परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई,,
चार बसें सीज़, नियमों के उल्लंघन पर सख्त एक्शन,,
क्यों हुई कार्रवाई? यात्री सूची न मिलने पर बड़ा कदम
जाने क्या हैं ए.आई.टी.पी. परमिट की शर्तें?
कड़े नियम, कड़ी निगरानी को लेकर अलर्ट हरिद्वार परिवहन विभाग
देहरादून/हरिद्वार।
परिवहन विभाग ने आज ए.आई.टी.पी. (All India Tourist Permit) के अंतर्गत चलने वाली बसों के विरुद्ध विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल चार बसों को मौके पर ही सीज़ कर दिया। यह कार्रवाई विभाग की ओर से नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और अव्यवस्थित संचालन पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्यों हुई कार्रवाई? यात्री सूची न मिलने पर बड़ा कदम
जांच में यह सामने आया कि संबंधित बसों में परमिट की सबसे अहम और अनिवार्य शर्तों में शामिल यात्री सूची (Passenger List) उपलब्ध नहीं थी। इस सूची में यह दर्ज होना आवश्यक है कि—
- यात्री कहाँ से बस में सवार हुआ
- और वह किस गंतव्य तक जा रहा है
यात्री सूची के अभाव को गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन मानते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि यात्री सूची न होने से न केवल यात्रा का वैध रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता बल्कि सुरक्षा, रूट सत्यापन, आकस्मिक स्थिति में सहायता और निगरानी प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
क्या हैं ए.आई.टी.पी. परमिट की शर्तें?
ए.आई.टी.पी. यानी ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट उन बसों को दिया जाता है जो देशभर में यात्रियों को पर्यटन उद्देश्य से ले जाती हैं। इस परमिट के साथ बस ऑपरेटरों के लिए कुछ अनिवार्य नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- यात्रियों की सूची रखना
- निर्धारित रूट पर ही संचालन
- बस में वैध दस्तावेजों की उपलब्धता
- वाहन में फिटनेस, बीमा और परमिट की अवधि अद्यतन होना
इन नियमों में से किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर विभाग के पास वाहन को सीज़ करने एवं चालान की अधिकारिता होती है।
विभाग की सख़्त चेतावनी: आगे भी होगा अभियान
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे चेकिंग अभियान जारी रहेंगे। ए.आई.टी.पी. बसों की निगरानी को और सख्त किया जाएगा ताकि बिना दस्तावेज़, बिना अनुमति या परमिट शर्तों का उल्लंघन कर चलने वाली बसों पर रोक लगाई जा सके।
परिवहन विभाग का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई किसी दंडात्मक मानसिकता के तहत नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर ज़ोर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम विशेष रूप से पर्यटन सीजन और त्योहारी समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यात्री सूची और दस्तावेजों की उपलब्धता न केवल प्रशासनिक कार्रवाई बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए भी आवश्यक है।
यात्री सूची न होने पर कई मामलों में—
- आपातकालीन स्थिति में सहायता बाधित होती है
- रूट और यात्रा की वैधता प्रमाणित नहीं होती
- ओवरलोडिंग और अवैध परिचालन की संभावना बढ़ जाती है
कड़े नियम, कड़ी निगरानी
परिवहन विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान सीज़ हुई बसों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और विभाग ने सभी निजी बस ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का पालन करते हुए ही बस संचालन करें।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई परिवहन व्यवस्था को बेहतर, सुरक्षित और अनुशासित बनाने की दिशा में एक बड़ा और आवश्यक कदम माना जा रहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना दस्तावेजों और नियमों के उल्लंघन पर चलने वाली किसी भी बस के खिलाफ यही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



