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★ भ्रष्टाचार के विरुद्ध हरिद्वार की ऐतिहासिक आवाज,, ★ जिला जज का कड़ा संदेश — “ईमानदारी ही सर्वोच्च धर्म,, ★ अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निषेध दिवस पर अधिकारियों ने भरी हुंकार — “अब नहीं सहेंगे भ्रष्टाचार”

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निषेध दिवस पर हरिद्वार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम ने आज पूरे जिले में एक बड़ा और असरदार संदेश गूंजा दिया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री नरेंद्र दत्त की अध्यक्षता में विकास भवन, रोशनाबाद के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संदीप कुमार, मुख्य जिला विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्र, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सिमरनजीत कौर, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री अविनाश भदौरिया सहित विकास भवन के अधिकारी–कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

इन्तजार रजा हरिद्वार ★ भ्रष्टाचार के विरुद्ध हरिद्वार की ऐतिहासिक आवाज,,
★ जिला जज का कड़ा संदेश — “ईमानदारी ही सर्वोच्च धर्म,,
★ अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निषेध दिवस पर अधिकारियों ने भरी हुंकार — “अब नहीं सहेंगे भ्रष्टाचार”

हरिद्वार, 09 दिसम्बर 2025।
अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निषेध दिवस पर हरिद्वार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम ने आज पूरे जिले में एक बड़ा और असरदार संदेश गूंजा दिया।
जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री नरेंद्र दत्त की अध्यक्षता में विकास भवन, रोशनाबाद के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरा।

कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संदीप कुमार, मुख्य जिला विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्र, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सिमरनजीत कौर, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री अविनाश भदौरिया सहित विकास भवन के अधिकारी–कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

जिला जज का प्रहार — “गलत काम परिवार के लिए होते हैं… लेकिन परिवार साथ नहीं देता… इसलिए भ्रष्टाचार छोड़ें”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला जज श्री नरेंद्र दत्त ने अपने प्रखर और प्रेरणादायक संबोधन में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को एक गहरा संदेश दिया।

उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि—
“व्यक्ति गलत काम अक्सर अपने परिवार के लिए करता है, लेकिन जब दंड की घड़ी आती है तो परिवार भी उसके साथ नहीं खड़ा होता। इसलिए गलत कार्य से न केवल समाज को नुकसान होता है, बल्कि व्यक्ति खुद भी बर्बादी की ओर बढ़ता है।”

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि—
“यदि हम सब मिलकर ईमानदारी का संकल्प लें, तो फिर इस दिन को मनाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। भ्रष्टाचार खत्म होगा तभी समाज और राष्ट्र मजबूत होगा।”

जिला जज का यह संबोधन सभागार में मौजूद हर व्यक्ति के भीतर एक नई चेतना जगाने वाला साबित हुआ।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का स्पष्ट संदेश — “भ्रष्टाचार सामाजिक बुराई, इसे खत्म करने के लिए जागरूकता और कठोर दंड दोनों आवश्यक”

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संदीप कुमार ने अपने वक्तव्य में भ्रष्टाचार को “सामाजिक कैंसर” बताते हुए कहा कि—
“यदि समाज को बचाना है तो हमें जागरूकता बढ़ानी होगी और दंड की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करना होगा। जब तक लोगों को भ्रष्टाचार के परिणामों का डर नहीं होगा, तब तक यह समाप्त नहीं होगा।”

उन्होंने कानून के प्रावधानों की जानकारी रखने और भ्रष्टाचार के मामलों में निडर होकर शिकायत करने पर जोर दिया।

सीडीओ का जोर — “विकास तभी संभव, जब तंत्र भ्रष्टाचार मुक्त हो”

मुख्य जिला विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्र ने साफ कहा कि विकास की लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब प्रशासनिक तंत्र ईमानदार और पारदर्शी बने।
उन्होंने कार्यस्थलों पर पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता बढ़ाने की अपील की।

कार्यक्रम का उद्देश्य — “जागरूक नागरिक और ईमानदार तंत्र का निर्माण”

कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि भ्रष्टाचार को सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, प्रशासनिक ईमानदारी और व्यक्तिगत संकल्प से खत्म किया जा सकता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि—
“भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एक दिन की मुहिम नहीं, बल्कि सतत चलने वाला जनआंदोलन है। हम सबका कर्तव्य है कि अपने स्तर पर ईमानदारी को जीवन का हिस्सा बनाएं।”

हरिद्वार से उठी बुलंद आवाज — “भ्रष्टाचार नहीं, विकास चाहिए”

आज का कार्यक्रम एक चेतावनी भी था और एक प्रेरणा भी—
चेतावनी उन लोगों के लिए जो भ्रष्टाचार को आदत बना चुके हैं,
और प्रेरणा उन लोगों के लिए जो ईमानदारी को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हैं।

हरिद्वार ने आज स्पष्ट कर दिया कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज होगी, कड़ी होगी और निर्णायक होगी।

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