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हरिद्वार में सस्ते गल्ले की दुकानों पर बड़ा एक्शन,, 100 दुकानों का औचक निरीक्षण, 65 में अनियमितता उजागर,, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर 65 राशन डीलरों को कारण बताओ नोटिस

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में सस्ते गल्ले की दुकानों पर बड़ा एक्शन,,
100 दुकानों का औचक निरीक्षण, 65 में अनियमितता उजागर,,
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर 65 राशन डीलरों को कारण बताओ नोटिस

हरिद्वार, 27 दिसंबर 2025।
जनपद हरिद्वार में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को लेकर लगातार मिल रही आमजन की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में 100 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की जांच की गई, जिसमें 65 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जबकि मात्र 35 दुकानों का संचालन सही पाया गया।

सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में उजागर हुई लापरवाही

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को जनपद के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई राशन की दुकानों पर समय से दुकान नहीं खुलती, राशन वितरण में कटौती की जाती है, निर्धारित मात्रा से कम अनाज दिया जाता है और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत लगाए जा रहे शिविरों के दौरान न केवल जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाए, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में संचालित राशन की दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया जाए।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राशन दुकानों की स्थिति, वितरण रजिस्टर, स्टॉक, समयबद्ध संचालन और उपभोक्ताओं से संवाद कर वास्तविक स्थिति की जांच की। निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई।

65 दुकानों में अनियमितता, 35 का संचालन सही

इस पूरे मामले में जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 100 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की जांच की गई। इनमें से 35 दुकानों का संचालन संतोषजनक पाया गया, जबकि 65 दुकानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। कहीं दुकान मौके पर नहीं मिली, तो कहीं निर्धारित समय पर दुकान बंद पाई गई। कुछ दुकानों पर स्टॉक और वितरण रजिस्टर में गड़बड़ी मिली, वहीं कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने राशन कम देने की शिकायत की।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अनियमितता पाए जाने वाले सभी 65 राशन डीलरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब तक 30 डीलरों के जवाब विभाग को प्राप्त हुए हैं, जबकि 35 डीलरों ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। प्राप्त जवाबों में भी कई डीलरों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए हैं।

जवाब के बाद होगी सख्त कार्रवाई, डीएम के स्पष्ट निर्देश

जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य ने स्पष्ट किया कि सभी 65 डीलरों के जवाब प्राप्त होने के बाद पूरी पत्रावली जिलाधिकारी को अग्रेषित की जाएगी। इसके पश्चात नियमों के अनुसार आवश्यक और कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूरत में राशन व्यवस्था में लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान समय पर खुले, पारदर्शी तरीके से संचालन हो और उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा राशन समय से उपलब्ध कराया जाए। यदि भविष्य में किसी भी दुकान में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित डीलर के खिलाफ निलंबन, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

आम जनता को मिला भरोसा, प्रशासन पर बढ़ा दबाव

इस कार्रवाई के बाद आमजन में प्रशासनिक सख्ती को लेकर भरोसा बढ़ा है। लंबे समय से राशन दुकानों की अनियमितताओं से परेशान उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि अब उन्हें बिना परेशानी और बिना कटौती के उनका हक मिलेगा। वहीं, जिला प्रशासन पर भी यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वह भविष्य में भी इसी तरह नियमित निरीक्षण कर राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि जनपद में जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की शिकायतों पर त्वरित व ठोस कार्रवाई की जाएगी।

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