केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा,, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रखी उत्तराखंड की अहम सड़क परियोजनाओं की मजबूती से पैरवी,, चारधाम, बाईपास, रिंग रोड और ROB परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

इन्तजार रजा हरिद्वार- केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा,,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रखी उत्तराखंड की अहम सड़क परियोजनाओं की मजबूती से पैरवी,,
चारधाम, बाईपास, रिंग रोड और ROB परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
उत्तराखंड | 05 जनवरी 2026
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की प्रमुख और प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर मजबूती से पैरवी की। बैठक का उद्देश्य उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और लंबित मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा–दन्या–पनार–घाट मार्ग, ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–कर्णप्रयाग मार्ग तथा अल्मोड़ा–बागेश्वर–कांडा–उडियारी बैंड मार्ग जैसी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के प्रस्तावों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए सड़क कनेक्टिविटी केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन, पर्यटन, तीर्थाटन और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में राज्य के इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
बैठक में उत्तराखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई, जिसे राज्य की जीवनरेखा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने परियोजना के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही बैठक में रिंग रोड, बाईपास, रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और गड्ढामुक्त सड़कों के निर्माण से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव का उल्लेख करते हुए रिंग रोड और बाईपास परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि इससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी और आमजन की आवाजाही सुगम होगी।
बैठक में वन स्वीकृतियों से संबंधित लंबित मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं केवल वन स्वीकृति के अभाव में लंबित हैं। यदि इन मामलों में शीघ्र निर्णय लिया जाए, तो परियोजनाओं की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर भी त्वरित निर्णय लिए गए। कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। मानसून से पूर्व सड़कों के रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बारिश के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्तराखंड की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन आधुनिक तकनीक और बेहतर योजना के माध्यम से इन चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की सड़क अवसंरचना को नई दिशा मिली है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं।
बैठक को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को एक नया आयाम भी प्राप्त होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आपदा प्रबंधन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।



