जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: बहादराबाद में उमड़ा विश्वास का सैलाब,, 1295 लोगों को योजनाओं का लाभ, 35 शिकायतों का मौके पर निस्तारण,, 23 विभाग एक छत के नीचे सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में सफल बहुउद्देशीय शिविर,, ग्रामीणों ने सराहा सरकार का प्रयास
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के अंतर्गत विकासखंड बहादराबाद की न्याय पंचायत रणसूरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कासमपुर में भव्य बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने की। इस आयोजन ने प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का सशक्त उदाहरण

इन्तजार रजा हरिद्वार– जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: बहादराबाद में उमड़ा विश्वास का सैलाब,,
1295 लोगों को योजनाओं का लाभ, 35 शिकायतों का मौके पर निस्तारण,, 23 विभाग एक छत के नीचे
सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में सफल बहुउद्देशीय शिविर,, ग्रामीणों ने सराहा सरकार का प्रयास
हरिद्वार, 08 जनवरी 2026।
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के अंतर्गत विकासखंड बहादराबाद की न्याय पंचायत रणसूरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कासमपुर में भव्य बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने की। इस आयोजन ने प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।
शिविर में 2176 क्षेत्रीय नागरिकों ने भाग लिया। विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से 1295 पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया, जबकि 20 लोगों को विभिन्न विभागीय प्रमाण पत्र जारी किए गए।
70 शिकायतें दर्ज, 35 का मौके पर समाधान
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय जनता द्वारा कुल 70 समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें विद्युत बिल, भूमि विवाद, राशन कार्ड, अवैध कब्जा, जाति एवं जन्म प्रमाण पत्र, पेंशन और अन्य विभागीय मुद्दे शामिल रहे। प्रशासनिक तत्परता के चलते 35 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया।
एक ही स्थान पर 23 विभाग
शिविर की विशेषता यह रही कि 23 विभागों ने एक ही स्थान पर अपने स्टॉल लगाए। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष अजीत सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पहली बार न्याय पंचायत स्तर पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को घर के पास ही योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
स्वच्छता का संकल्प
शिविर के दौरान ग्रामीणों को अपने घर-आंगन और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। ग्रामीणों ने स्वच्छ और सुंदर जनपद बनाने में सहयोग का संकल्प लिया।
डॉ. ललित नारायण मिश्रा, सीडीओ हरिद्वार…. “मुख्यमंत्री की मंशा है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही मिले। आज शिविर में 35 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ है और शेष पर भी शीघ्र कार्रवाई की जा रही है।”
“मैं काफी समय से प्रमाण पत्र और योजना के लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था। आज इस शिविर में सभी विभाग एक ही जगह मिले और मेरी समस्या तुरंत हल हो गई। इससे समय और पैसा दोनों की बचत हुई है।”
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम से हमें बहुत राहत मिली है। गांव में ही आवेदन, जांच और समाधान हो गया। पहले कई दिनों तक काम अटका रहता था, आज एक ही दिन में सब संभव हो पाया।”
“मेरी शिकायत विद्युत बिल से संबंधित थी, जिसे अधिकारियों ने ध्यान से सुना और तुरंत समाधान किया। इस तरह की पहल से जनता का सरकार और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होता है।”
“सरकार की योजनाओं की जानकारी हमें पहले ठीक से नहीं मिल पाती थी। इस शिविर में अधिकारियों ने योजनाओं को विस्तार से समझाया और पात्रता के अनुसार लाभ भी दिया, जो बहुत सराहनीय है।”
“शिविर में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, जिससे हमें अपने गांव को साफ रखने की प्रेरणा मिली। अगर ऐसे कार्यक्रम होते रहें तो गांवों में जागरूकता और विकास दोनों बढ़ेंगे।”
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार वास्तव में जनता के हित में है। आज हमें महसूस हुआ कि सरकार हमारी समस्याओं को गंभीरता से सुनती है और समाधान भी तुरंत करती है।”
इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ता मनोज गौतम, सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल, नोडल अधिकारी एवं जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल, तहसीलदार सचिन कुमार, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार, नायब तहसीलदार प्रताप सिंह, समस्त ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।



