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ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा की सख्त कार्रवाई से दवा माफिया में हड़कंप,, धनपुरा–रायसी में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण, 4 दवाओं के नमूने सील,, नशीली व एक्सपायरी दवाओं पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़ने वालों पर कड़ी चेतावनी

इन्तजार रजा हरिद्वार- ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा की सख्त कार्रवाई से दवा माफिया में हड़कंप,,

धनपुरा–रायसी में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण, 4 दवाओं के नमूने सील,,

नशीली व एक्सपायरी दवाओं पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़ने वालों पर कड़ी चेतावनी

हरिद्वार।
जनपद हरिद्वार में अवैध दवा कारोबार, नशीली दवाओं की अनियमित बिक्री और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ड्रग्स विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अपर आयुक्त महोदय के निर्देशों के क्रम में औषधि कानूनों के प्रभावी अनुपालन को लेकर ड्रग्स विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा के नेतृत्व में गुरुवार, 08 जनवरी 2026 को धनपुरा एवं रायसी क्षेत्र में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण कर नियमों की अनदेखी करने वालों को कड़ा संदेश दिया गया।

ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा की इस कार्रवाई से क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों में खलबली मच गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अवैध दवा विक्रय पर नियंत्रण, नशीली दवाओं की कालाबाजारी की रोकथाम और आमजन के स्वास्थ्य हितों की सुरक्षा रहा। निरीक्षण के दौरान कुल 04 मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की गई, जहां दवाओं के भंडारण, क्रय-विक्रय रजिस्टर, बिलिंग सिस्टम, स्टॉक स्थिति एवं एक्सपायरी दवाओं की बारीकी से पड़ताल की गई।

लाइसेंस अनुदान से पहले सख्त जांच

अभियान के तहत 02 मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस अनुदान (Licence Grant) हेतु भी निरीक्षण किया गया। ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा ने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस केवल उन्हीं प्रतिष्ठानों को दिया जाएगा, जो निर्धारित मानकों, उपयुक्त क्षेत्र, आवश्यक भौतिक सुविधाओं एवं वैधानिक शर्तों को पूर्ण रूप से पूरा करते हों। बिना मानक पूरे किए किसी भी मेडिकल स्टोर को लाइसेंस देना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

सीएम पोर्टल की शिकायत पर विशेष निरीक्षण

ड्रग्स विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर 01 मेडिकल स्टोर का विशेष निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर के दवा स्टॉक, बिक्री अभिलेख और दवाओं की वैधता की विस्तार से जांच की गई। विभाग ने संकेत दिए कि यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।

चार दवाओं के नमूने जांच के लिए संग्रहित

निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर से 04 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित किए गए। इन नमूनों को नियमानुसार प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। यदि जांच रिपोर्ट में दवाएं मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती हैं या गुणवत्ता में कमी सामने आती है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नशीली दवाओं को लेकर सख्त निर्देश

ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा ने निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त चेतावनी दी कि नारकोटिक अथवा नशीली दवाओं का विक्रय बिना उचित क्रय-विक्रय अभिलेख (Sale-Purchase Record) के किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। बिना रिकॉर्ड, अवैध तरीके से अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में नशीली दवाओं की बिक्री पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर आपराधिक मुकदमा तक दर्ज किया जा सकता है।

एक्सपायरी दवाओं पर जीरो टॉलरेंस

निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स को यह भी निर्देशित किया गया कि एक्सपायरी दवाओं की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और एक्सपायर होते ही उन्हें तुरंत स्टॉक से अलग कर नियमानुसार नष्ट किया जाए। ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी मेडिकल स्टोर के स्टॉक में एक्सपायरी दवाएं पाई जाती हैं, तो इसे जनस्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ माना जाएगा और उस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अभियान रहेगा लगातार जारी

ड्रग्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे

ड्रग्स इंस्पेक्टर मेघा की इस आक्रामक और प्रभावी कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि हरिद्वार में अब अवैध दवा कारोबार, नशीली दवाओं की बिक्री और नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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