खाकी का मानवीय चेहरा: रानीपुर पुलिस की संवेदनशील पहल,, पत्नी से नाराज़ होकर घर छोड़ने वाला युवक 2 माह बाद सकुशल मिला,, देहरादून से खोजकर परिजनों को सौंपा गया लापता सोनू
इन्तजार रजा हरिद्वार- खाकी का मानवीय चेहरा: रानीपुर पुलिस की संवेदनशील पहल,,
पत्नी से नाराज़ होकर घर छोड़ने वाला युवक 2 माह बाद सकुशल मिला,,
देहरादून से खोजकर परिजनों को सौंपा गया लापता सोनू
हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि खाकी केवल कानून का डंडा नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की भी प्रतीक है। करीब दो माह से लापता युवक सोनू को रानीपुर पुलिस ने देहरादून से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस सराहनीय कार्रवाई से एक परिवार टूटने से बच गया और परिजनों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23 दिसंबर 2025 को एक महिला ने कोतवाली रानीपुर पहुंचकर अपने पति की गुमशुदगी की सूचना दी थी। महिला ने बताया कि उसके पति सोनू पुत्र ईसम सिंह, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम दौडबसी बुग्गावाला थाना बुग्गावाला जनपद हरिद्वार, वर्तमान में सलेमपुर महदूद थाना रानीपुर क्षेत्र में रह रहे थे। दिनांक 13 नवंबर 2025 को वह बिना बताए घर से निकल गए थे और वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो महिला ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही कोतवाली रानीपुर पुलिस ने गुमशुदगी संख्या 54/2025 दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी। प्रभारी निरीक्षक शान्ति कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संभावित स्थानों पर खोजबीन की, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता हाथ लगी और दिनांक 08 जनवरी 2026 को गुमशुदा सोनू को जनपद देहरादून से सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में सोनू ने बताया कि वह पत्नी टिंकल के व्यवहार से क्षुब्ध होकर घर छोड़कर चला गया था। पहले वह राजस्थान गया, जहां कुछ दिन काम किया, इसके बाद देहरादून पहुंच गया और वहीं मजदूरी करने लगा। उसने किसी को अपनी जानकारी नहीं दी, जिससे परिजन लगातार चिंता में डूबे रहे।
गुमशुदा की बरामदगी के बाद पुलिस ने वादिया महिला एवं सोनू के अन्य परिजनों को चौकी गैस प्लांट बुलाया। सभी औपचारिकताओं के बाद सोनू को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और रानीपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शान्ति कुमार, उपनिरीक्षक विकास रावत (चौकी प्रभारी गैस प्लांट), कांस्टेबल संजय बलूनी तथा कांस्टेबल संजय रावत की भूमिका सराहनीय रही। रानीपुर पुलिस की यह पहल न केवल कानून व्यवस्था की मिसाल है, बल्कि समाज में पुलिस के मानवीय चेहरे को भी उजागर करती है।



