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स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित हरिद्वार की दिशा में प्रशासन सख्त,, ▶ स्वच्छता अभियान में और तेजी लाएं सभी विभाग: डीएम मयूर दीक्षित,, ▶ गंदगी फैलाने वालों पर ₹5000 तक का चालान, रोस्टर के अनुसार होगी दैनिक सफाई

इन्तजार रजा हरिद्वार ▶ स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित हरिद्वार की दिशा में प्रशासन सख्त,,
▶ स्वच्छता अभियान में और तेजी लाएं सभी विभाग: डीएम मयूर दीक्षित,,
▶ गंदगी फैलाने वालों पर ₹5000 तक का चालान, रोस्टर के अनुसार होगी दैनिक सफाई

हरिद्वार | 19 जनवरी 2026

तीर्थनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जनपद में चलाए जा रहे व्यापक स्वच्छता अभियान की जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक कर गहन समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई और आने वाले दिनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद में पिछले दो माह से अधिक समय से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब इसमें और अधिक गति, प्रभाव और निरंतरता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी विभागों और आमजन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

रोस्टर के अनुसार चलेगा स्वच्छता अभियान, कोई ढिलाई नहीं

जिलाधिकारी ने बताया कि स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों के लिए रोस्टर जारी किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई अभियान में भाग लेना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि अभियान केवल औपचारिकता न बनकर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी न सिर्फ स्वयं अभियान में भाग लें, बल्कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। डीएम ने कहा कि जब प्रशासन और जनता एक साथ मिलकर काम करेंगे, तभी हरिद्वार को वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और पर्यटन इकाइयों पर विशेष जोर

बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों और निजी अस्पतालों में नियमित और प्रभावी सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जनपद के सभी होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठानों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। डीएम ने कहा कि पर्यटन नगरी हरिद्वार की छवि स्वच्छता से सीधे जुड़ी है और होटल-ढाबों की साफ-सफाई का सीधा असर श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर पड़ता है। सभी संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की भी नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी।

ग्राम पंचायतों और महिला समूहों की अहम भूमिका

जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों के सहयोग से व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शहरी क्षेत्रों की।

सहायक परियोजना निदेशक को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। महिला समूहों के माध्यम से न केवल सफाई कार्य को गति मिलेगी, बल्कि स्वच्छता के प्रति सामाजिक जागरूकता भी बढ़ेगी।

वन क्षेत्रों और नगर क्षेत्र में विशेष अभियान

जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रांतर्गत व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में फैली गंदगी न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनती है।

नगर निगम को निर्देश देते हुए डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर दैनिक सफाई अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से बैरागी कैंप क्षेत्र में आयोजित हो रहे समारोहों के दृष्टिगत बैरागी कैंप से लेकर शनिकुंज (भूपतवाला) तक प्रतिदिन विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा फेंकते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कम से कम ₹5000 का चालान किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति लापरवाह लोगों पर कठोर कार्रवाई ही अनुशासन स्थापित कर सकती है।

डीएम ने यह भी कहा कि चालान की कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में कमी आए।

बैठक में अधिकारी रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह, पूर्व अध्यक्ष आईएमए डॉ. विकास दीक्षित, एसडीओ वन विभाग पूनम कैथोला, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, उप मुख्य अधिकारी नगर निगम दीपक गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और हरिद्वार को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श जनपद के रूप में स्थापित करें।

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