तीर्थ नगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श जनपद बनाने का अभियान तेज,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में 318 ग्राम पंचायतों में चलेगा निरंतर सफाई अभियान,, मुख्यमंत्री के स्वच्छ हरिद्वार के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम

इन्तजार रजा हरिद्वार- तीर्थ नगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श जनपद बनाने का अभियान तेज,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में 318 ग्राम पंचायतों में चलेगा निरंतर सफाई अभियान,,
मुख्यमंत्री के स्वच्छ हरिद्वार के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम

हरिद्वार, 23 जनवरी 2026।
मुख्यमंत्री के “स्वच्छ हरिद्वार–सुंदर हरिद्वार” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार की सभी 318 ग्राम पंचायतों में व्यापक, सुनियोजित और निरंतर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि जनपद को साफ-स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार सफाई अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में अब ग्राम पंचायतों में अभियान को और अधिक सशक्त, नियमित एवं जवाबदेह बनाया जा रहा है।
ग्राम विकास अधिकारी बनाए गए नोडल, एडीओ पंचायत होंगे अनुश्रवण अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी 6 विकास खंडों में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों (वीडीओ) को संबंधित ग्राम पंचायतों का नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जबकि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को सफाई अभियान के अनुश्रवण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों का दायित्व होगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसहभागिता के साथ स्वच्छता अभियान को निरंतर चलाएं और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
जनपद की 318 ग्राम पंचायतों का विकासखंडवार विवरण इस प्रकार है—
बहादराबाद विकासखंड में 80, भगवानपुर में 54, खानपुर में 25, लक्सर में 51, नारसन में 63 तथा रुड़की विकासखंड में 45 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। प्रत्येक पंचायत में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासनिक निगरानी को प्राथमिकता दी गई है।
जल प्रबंधन एवं स्वच्छता समितियों की होगी सक्रिय भूमिका
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों में गठित जल प्रबंधन एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएं। इसके साथ-साथ स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रेरक व्यक्तियों, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत स्तर पर ब्रांड एम्बेसडर के रूप में चयनित किया जाएगा, ताकि समाज के अन्य लोग भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित हों।
सफाई अभियान के प्रमुख बिंदु तय
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायतों में निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा—
- प्रतिदिन नियमित सफाई कार्य
- कूड़ा संक्रमित क्षेत्रों की पहचान एवं प्रभावी निस्तारण
- सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों की विशेष सफाई
- सफाई उपरांत सौंदर्यकरण
- पारंपरिक (कुंडी) कूड़ा स्थलों का व्यवस्थित प्रबंधन
- जैविक एवं अजैविक कूड़े का पृथक्करण
- कूड़े को एमआरएफ/सेग्रीगेशन केंद्रों तक भेजना
- प्लास्टिक कचरे का रैग पिकर एवं निस्तारण केंद्रों से संबद्धीकरण
- जैविक कूड़े से खाद निर्माण
- कूड़ा प्रबंधन की नियमित लॉगबुक अद्यतन
- समय-समय पर जनजागरूकता अभियान
ग्रेवॉटर प्रबंधन पर भी विशेष जोर
सफाई अभियान के तहत रसोई और स्नानघर से निकलने वाले धूसर जल (ग्रेवॉटर) की व्यवस्थित निकासी, नालियों और नालों की नियमित सफाई तथा अंतिम बिंदुओं पर ग्रेवॉटर ट्रीटमेंट चैम्बर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायत बेलड़ा (रुड़की) को मॉडल मानते हुए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की प्रभावी रणनीति तैयार कर उसे लागू किया जाएगा।
अच्छा कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मान
स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों, छात्र-छात्राओं एवं जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।
फोटो और रिपोर्टिंग अनिवार्य, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नोडल एवं अनुश्रवण अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सफाई अभियान के दौरान साफ किए गए स्थलों से एकत्रित कूड़े की मात्रा, निस्तारण की विधि तथा सफाई कार्यों के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप नंबर 8273371714 पर भेजे जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
जिला प्रशासन का यह व्यापक अभियान निश्चित रूप से तीर्थ नगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श जनपद बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।



