दून लाइब्रेरी में सुना गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ का 130वां संस्करण,, लोकतंत्र, युवा शक्ति, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश,, ‘मन की बात’ बना जन-जन से संवाद और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम

इन्तजार रजा हरिद्वार- दून लाइब्रेरी में सुना गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ का 130वां संस्करण,,
लोकतंत्र, युवा शक्ति, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश,,
‘मन की बात’ बना जन-जन से संवाद और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम

देहरादून स्थित दून लाइब्रेरी में आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 130वां संस्करण सामूहिक रूप से सुना गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को लेकर उपस्थित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका, देश के युवाओं द्वारा स्टार्टअप क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार, जलाशयों और जल संरक्षण की महत्ता, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नशा मुक्त भारत का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण तथा श्रीअन्न (मिलेट्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सशक्त लोकतंत्र की नींव जागरूक और जिम्मेदार मतदाता से ही मजबूत होती है।
प्रधानमंत्री जी ने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा न केवल रोजगार तलाशने वाला है, बल्कि रोजगार देने वाला भी बन रहा है। स्टार्टअप संस्कृति देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। साथ ही उन्होंने जल संरक्षण को लेकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि जलाशयों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
‘मन की बात’ कार्यक्रम को केवल एक रेडियो प्रसारण न बताते हुए प्रधानमंत्री ने इसे देश के नागरिकों से सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बताया। यह मंच जन-जन की भावनाओं, आकांक्षाओं और विचारों को राष्ट्रीय स्तर पर स्थान देता है तथा समाज में सकारात्मक सोच, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम के दौरान माननीय विधायक श्री खजान दास जी, श्री सुरेश गारिया जी सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
‘मन की बात’ का प्रत्येक संस्करण देशवासियों को नई ऊर्जा, नई दिशा और नए संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा देता है।



