लाइसेंसी हथियारों पर डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन,, अधिकारियों की भी जवाबदेही तय, ढिलाई पर सीधी होगी कार्रवाई,, हथियार दुरुपयोग पर लाइसेंस रद्द और FIR—की सख्त चेतावनी

इन्तजार रजा हरिद्वार- लाइसेंसी हथियारों पर डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन,,
अधिकारियों की भी जवाबदेही तय, ढिलाई पर सीधी होगी कार्रवाई,,
हथियार दुरुपयोग पर लाइसेंस रद्द और FIR—की सख्त चेतावनी
हरिद्वार जिले में कानून-व्यवस्था से समझौते का दौर अब खत्म हो चुका है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लाइसेंसी हथियारों के मामलों में साफ संकेत दे दिए हैं कि अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे प्रशासनिक एक्शन होगा। हथियारों के दुरुपयोग, अवैध प्रदर्शन और नियमों की अनदेखी पर जहां लाइसेंसधारकों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई तय की गई है, वहीं लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है।
डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि हथियार लाइसेंस कोई सामाजिक रुतबा या शक्ति प्रदर्शन का साधन नहीं है। हथियार केवल उसी उद्देश्य के लिए रखे जाएं, जिसके लिए लाइसेंस जारी हुआ है—मुख्यतः आत्मरक्षा। इसके विपरीत किसी भी तरह की गतिविधि सीधे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानी जाएगी और उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि हथियार सत्यापन अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ अंजाम दिया जाए। जिन अधिकारियों के क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आएंगे, उनकी भूमिका की भी जांच होगी। डीएम ने साफ कर दिया है कि “यदि सत्यापन में लापरवाही, देरी या जानबूझकर आंख मूंदने की स्थिति सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार के नियमों के तहत दो से अधिक हथियार लाइसेंस रखने वालों की सूची प्रशासन के पास है। सभी संबंधित लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकांश मामलों में अतिरिक्त लाइसेंस का आत्मसमर्पण हो चुका है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। तय समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल अपराध, सामाजिक तनाव, चुनावी माहौल बिगाड़ने, धमकी देने या सार्वजनिक शांति भंग करने में पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही हथियार जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन अब “पहले जांच, फिर कार्रवाई” की बजाय “पहले कार्रवाई, फिर कानूनी प्रक्रिया” के सिद्धांत पर काम कर रहा है।
जिले में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। सार्वजनिक स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और आयोजनों में हथियार लेकर घूमने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो या वीडियो डालने वालों पर भी कड़ी नजर है और ऐसे मामलों में साइबर निगरानी के जरिए कार्रवाई की जा रही है।
इस प्रशासनिक सख़्ती का असर साफ दिखाई देने लगा है। कई लाइसेंसधारकों ने स्वयं आगे आकर हथियार जमा कराए हैं, वहीं कुछ मामलों में दस्तावेज़ों की अनियमितता पाए जाने पर नोटिस और जांच शुरू हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान अस्थायी नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।
मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
“लाइसेंसी हथियार केवल आत्मरक्षा के लिए हैं। किसी भी तरह का दुरुपयोग, प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किया गया तो लाइसेंस तत्काल रद्द होगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। सत्यापन में लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।”
डीएम मयूर दीक्षित के इस एक्शन मोड के बाद हरिद्वार में साफ संदेश है—हथियार अब शक्ति नहीं, जिम्मेदारी हैं। नियमों का पालन करने वालों को कोई परेशानी नहीं, लेकिन कानून तोड़ने वालों और ढिलाई बरतने वालों के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।



