रविदास जयंती की शोभायात्रा में खूनी संघर्ष,, एससी समाज के दो पक्षों में बवाल, फायरिंग में एक युवक की मौत,, भगवानपुर के ग्राम बिनारसी में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
भगवानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिनारसी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर निकली शोभायात्रा उस वक्त मातम में बदल गई, जब मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। एससी समाज के दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बात पथराव और फायरिंग तक जा पहुंची। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल

इन्तजार रजा हरिद्वार- रविदास जयंती की शोभायात्रा में खूनी संघर्ष,,
एससी समाज के दो पक्षों में बवाल, फायरिंग में एक युवक की मौत,,
भगवानपुर के ग्राम बिनारसी में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
रुड़की।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिनारसी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर पर निकली शोभायात्रा उस वक्त मातम में बदल गई, जब मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। एससी समाज के दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बात पथराव और फायरिंग तक जा पहुंची। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संत रविदास जयंती के अवसर पर गांव में पारंपरिक रूप से शोभायात्रा निकाली जा रही थी। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच माहौल उत्सवमय था, लेकिन इसी दौरान किसी बात को लेकर समाज के दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य विवाद मानकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई और फिर पथराव में बदल गया। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब अचानक फायरिंग की आवाजें गूंज उठीं। गोली लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे परिजन और ग्रामीण तत्काल रुड़की के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, फायरिंग और पथराव में घायल हुए दो अन्य लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। उनका इलाज रुड़की अस्पताल में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही भगवानपुर थाना पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए हालात को काबू में किया और भीड़ को तितर-बितर कराया। एहतियातन गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोका जा सके। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
फायरिंग की घटना के बाद आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद बेहद मामूली बात से शुरू हुआ था, लेकिन आपसी रंजिश और उत्तेजना के चलते मामला बेकाबू हो गया। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग किसने और किन परिस्थितियों में की।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। कई घरों में मातम पसरा है तो कई परिवार सहमे हुए हैं। संत रविदास जयंती जैसे पावन और सामाजिक समरसता के प्रतीक अवसर पर हुई इस हिंसक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर आक्रोशित भी हैं कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
“हम हर साल गुरु रविदास जयंती शांति और भाईचारे के साथ मनाते हैं। किसी को नहीं लगा था कि मामूली कहासुनी इतनी बड़ी हिंसा में बदल जाएगी। आज एक घर का चिराग बुझ गया, पूरे गांव में डर का माहौल है। प्रशासन से मांग है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।”
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संत रविदास जयंती जैसे पवित्र अवसर पर हुई यह घटना न सिर्फ गांव बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है कि सामाजिक आयोजनों में थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।



