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अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़: संदिग्ध वीआईपी पर सीबीआई का शिकंजा कसने की तैयारी,, दून पहुंची जांच एजेंसी, एसआईटी रिपोर्ट और पुलिस दस्तावेज किए कब्जे में,, शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने की संभावना, जांच ने पकड़ी रफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़: संदिग्ध वीआईपी पर सीबीआई का शिकंजा कसने की तैयारी,,

दून पहुंची जांच एजेंसी, एसआईटी रिपोर्ट और पुलिस दस्तावेज किए कब्जे में,,

शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने की संभावना, जांच ने पकड़ी रफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच एक बार फिर तेज हो गई है। मामले में संदिग्ध वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) सक्रिय हो गई है। मंगलवार को सीबीआई की टीम देहरादून पहुंची और इस चर्चित प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इस कार्रवाई के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी मामले की गहराई तक जांच करने की तैयारी में जुट चुकी है।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने एसआईटी जांच रिपोर्ट, पुलिस की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सहित कई अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया है। साथ ही अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश में एक बार फिर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोगों की निगाहें अब सीबीआई जांच पर टिकी हुई हैं।


दिल्ली में दर्ज हुई एफआईआर, जांच का दायरा हुआ विस्तृत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीबीआई ने बसंत विहार थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दिल्ली स्थित सीबीआई स्पेशल क्राइम ब्रांच में संदिग्ध वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसे इस मामले में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जनवरी माह में एक प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्तित्व द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर संदिग्ध वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया था। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी।

मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने पर सीबीआई ने इस केस को अपने हाथ में लिया। एजेंसी ने प्रारंभिक स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण से कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।


देहरादून पहुंची टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य, शिकायतकर्ता के बयान हो सकते हैं दर्ज

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की एक टीम सोमवार शाम को ही देहरादून पहुंच गई थी। टीम ने पहुंचते ही इस मामले से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। एसआईटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट, पुलिस की केस डायरी और अन्य साक्ष्य अब जांच एजेंसी के पास पहुंच चुके हैं।

जानकारी के अनुसार सीबीआई जल्द ही इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति के बयान भी दर्ज कर सकती है। जांच एजेंसी के लिए यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी शिकायत के आधार पर संदिग्ध वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या किसी स्तर पर साक्ष्यों को प्रभावित करने या छिपाने का प्रयास किया गया। जांच के तहत पुराने बयानों, तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला को दोबारा खंगाला जा सकता है।


पहले ही देशभर में सुर्खियों में रहा मामला

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और मामले के सामने आने के बाद जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला था। लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठती रही है।

समय के साथ इस केस में कई नए आरोप और तथ्य सामने आते रहे, जिससे मामला और भी गंभीर होता गया। अब संदिग्ध वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज होने और सीबीआई जांच शुरू होने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।


सीबीआई जांच से बढ़ी उम्मीदें, सच सामने आने की उम्मीद

प्रदेश की जनता इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की उम्मीद कर रही है। सीबीआई के हाथ में जांच आने के बाद लोगों को भरोसा है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा और यदि किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीआई जटिल मामलों में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहराई से जांच करती है। ऐसे में इस मामले में भी कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


आने वाले दिनों में हो सकते हैं नए खुलासे

फिलहाल सीबीआई दस्तावेजों के अध्ययन और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। जल्द ही संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं और जांच का दायरा और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले ही प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर चुका है। अब सीबीआई जांच के जरिए यह उम्मीद की जा रही है कि इस संवेदनशील मामले का पूरा सच सामने आएगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।

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