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पैठाणी रेंज में भालू का हमला खंडूली गांव में महिला गंभीर रूप से घायल,, दहशत में ग्रामीण, वन विभाग से सुरक्षा की मांग तेज

इन्तजार रजा हरिद्वार- पैठाणी रेंज में भालू का हमला
खंडूली गांव में महिला गंभीर रूप से घायल,,
दहशत में ग्रामीण, वन विभाग से सुरक्षा की मांग तेज

पौड़ी गढ़वाल के पैठाणी रेंज अंतर्गत खंडूली गांव में जंगली भालू के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। घायल महिला को ग्रामीणों की मदद से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त है और उन्होंने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

जानकारी के अनुसार खंडूली गांव की रहने वाली महिला रोजमर्रा के कार्य के तहत जंगल के नजदीकी क्षेत्र में गई थी। इसी दौरान अचानक झाड़ियों में छिपे भालू ने उस पर हमला कर दिया। भालू के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह भालू को वहां से भगाया और घायल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार महिला के शरीर पर गहरे घाव हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम महिला की लगातार निगरानी कर रही है।

इस घटना के बाद खंडूली सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों का जंगल और खेतों में जाना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों और पशुपालन के लिए जंगलों पर निर्भर हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांवों के आसपास निगरानी बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की अपील की है।

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में भालू की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को जंगलों में अकेले न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है। लगातार बढ़ते ऐसे मामलों से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से स्थायी समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

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