मुख्यमंत्री धामी से वक्फ बोर्ड व अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों की शिष्टाचार भेंट,, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन पर जताया आभार, बताया ऐतिहासिक कदम,, शिक्षा, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में उत्तराखण्ड सरकार की सराहना

इन्तजार रजा हरिद्वार- मुख्यमंत्री धामी से वक्फ बोर्ड व अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों की शिष्टाचार भेंट,,
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन पर जताया आभार, बताया ऐतिहासिक कदम,,
शिक्षा, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में उत्तराखण्ड सरकार की सराहना

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री शादाब शम्स, उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम तथा उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन के निर्णय पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक पहल बताया।
भेंट के दौरान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। इससे मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, पाठ्यक्रमों में सुधार और विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने में ठोस मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े छात्रों के भविष्य के लिए निर्णायक बताया।
अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम समावेशी विकास की सोच को मजबूत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग मिलेगा। साथ ही संस्थानों के संचालन में नियमबद्धता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
वहीं, मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून ने कहा कि प्राधिकरण के गठन से मदरसा शिक्षा को आधुनिक विषयों, तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु का कार्य करेगी, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर वर्ग के छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को सशक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है, ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संवाद, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेगी। यह भेंट न केवल सरकार और अल्पसंख्यक संस्थाओं के बीच सकारात्मक संवाद का संकेत है, बल्कि उत्तराखण्ड में शिक्षा सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम भी मानी जा रही है।



