GST घोटाले का बड़ा खुलासा,, बिना माल सप्लाई काटे जा रहे थे करोड़ों के फर्जी बिल,, राज्य कर विभाग की छापेमारी में 1.10 करोड़ मौके पर जमा

इन्तजार रजा हरिद्वार- GST घोटाले का बड़ा खुलासा,,
बिना माल सप्लाई काटे जा रहे थे करोड़ों के फर्जी बिल,,
राज्य कर विभाग की छापेमारी में 1.10 करोड़ मौके पर जमा
देहरादून/हरिद्वार।
उत्तराखंड में जीएसटी चोरी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग ने एक साथ सात फर्मों पर छापेमारी कर करीब 4.75 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि ये फर्में बिना किसी वास्तविक माल की सप्लाई किए करोड़ों रुपये के फर्जी बिल काट रही थीं और सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
राज्य कर विभाग को लंबे समय से इन फर्मों की गतिविधियों पर संदेह था। गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के बाद विभाग ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस पूरे अभियान के लिए 10 विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिनमें 22 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
फर्जी बिलिंग के जरिए उठाया जा रहा था ITC का अनुचित लाभ
प्राथमिक जांच में यह साफ हुआ है कि संबंधित फर्मों द्वारा केवल कागजों पर लेन-देन दिखाया जा रहा था। न तो माल की वास्तविक खरीद-फरोख्त हो रही थी और न ही कोई भौतिक सप्लाई मौजूद थी। इसके बावजूद फर्जी चालानों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर लिया जाता था।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की फर्जी बिलिंग से न केवल सरकार के खजाने को नुकसान पहुंचता है, बल्कि ईमानदार व्यापारियों के लिए भी असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है। विभाग अब इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, ई-वे बिल और जीएसटी पोर्टल पर किए गए लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहा है।
छापेमारी के दौरान 1.10 करोड़ की तत्काल वसूली, जांच जारी
छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई। कार्रवाई के दौरान 1.10 करोड़ रुपये की राशि मौके पर ही जमा करवाई गई, जिसे विभाग ने प्रारंभिक वसूली बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम अभी शुरुआती है और जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ और बड़ी रिकवरी संभव है।
जांच के घेरे में खासतौर पर वर्क कॉन्ट्रैक्ट और आईटी सेक्टर से जुड़ी फर्में हैं। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क की जड़ें कहीं राज्य से बाहर तो नहीं फैली हैं और इसमें और कितनी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी चोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, वहीं दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



