क्वांटम कॉलेज में सड़क सुरक्षा की मजबूत पहल,, फर्स्ट रेस्पॉन्डर प्रशिक्षण से युवाओं को मिला जीवन रक्षक ज्ञान,, हिट एंड रन व गुड सेमेरिटन कानून पर नाट्य मंचन ने छोड़ी गहरी छाप

इन्तजार रजा हरिद्वार- क्वांटम कॉलेज में सड़क सुरक्षा की मजबूत पहल,,
फर्स्ट रेस्पॉन्डर प्रशिक्षण से युवाओं को मिला जीवन रक्षक ज्ञान,,
हिट एंड रन व गुड सेमेरिटन कानून पर नाट्य मंचन ने छोड़ी गहरी छाप
रुड़की। सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए पहले कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं—इसी संदेश को केंद्र में रखते हुए क्वांटम कॉलेज/क्वांटम यूनिवर्सिटी रुड़की में सड़क सुरक्षा एवं प्रथम उत्तरदाता (First Responder) प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को दुर्घटना के समय त्वरित सहायता, कानूनी संरक्षण और जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गोल्डन आवर के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा पीड़ित के जीवन के लिए कितना निर्णायक होता है। इसके साथ ही गुड सेमेरिटन कानून, हिट एंड रन प्रावधान, ड्रिंक एंड ड्राइव के दुष्परिणाम और कैशलेस उपचार योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल व व्यावहारिक तरीके से मार्गदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत हिट एंड रन एवं गुड सेमेरिटन कानून पर आधारित नाट्य मंचन रहा। इस नाटक ने न केवल दर्शकों को कानून की बारीकियों से अवगत कराया, बल्कि दुर्घटना पीड़ितों की पीड़ा को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर भावनात्मक रूप से भी गहराई से प्रभावित किया। मंचन के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि मदद करने वाला व्यक्ति अपराधी नहीं, बल्कि समाज का सच्चा नायक होता है।
एनडीआरएफ की टीम द्वारा विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर (CPR), रासायनिक आपदा प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों में बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वहीं यंग इंडिया टीम ने भी आपदा प्रबंधन एवं दुर्घटना राहत से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर युवाओं को प्रशिक्षित किया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ सहायता कर सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून श्री संदीप सैनी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की श्री दीपम सेठ रहे। विशिष्ट अतिथियों में क्वांटम यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ. विवेक कुमार, रजिस्ट्रार श्री अमित दीक्षित, एआरटीओ मुख्यालय देहरादून एल्विन रॉक्सी, एआरटीओ (प्रशासन) रुड़की जितेंद्र चंद तथा एनडीआरएफ कमांडेंट की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में एआरटीओ (प्रवर्तन) रुड़की श्री कृष्ण चंद्र पलेरिया की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने न केवल कार्यक्रम का सफल संयोजन किया, बल्कि स्वयं निर्देशन एवं अभिनय कर सड़क सुरक्षा का संदेश अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन तथा दुर्घटना पीड़ितों की निस्वार्थ सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का सामूहिक संकल्प लिया। यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील प्रथम उत्तरदाता बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।



