मुख्यमंत्री के विज़न को मिली रफ्तार – हरिद्वार–रुड़की महायोजना 2041 पर उच्चस्तरीय मंथन,, राज्य सचिवालय में आवास विभाग की अहम बैठक, शहरी विकास को मिलेगा नया खाका,, जनसुनवाई में मिले 900 सुझावों पर गंभीर चर्चा, समयबद्ध अनुमोदन के निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार- मुख्यमंत्री के विज़न को मिली रफ्तार – हरिद्वार–रुड़की महायोजना 2041 पर उच्चस्तरीय मंथन,,
राज्य सचिवालय में आवास विभाग की अहम बैठक, शहरी विकास को मिलेगा नया खाका,,
जनसुनवाई में मिले 900 सुझावों पर गंभीर चर्चा, समयबद्ध अनुमोदन के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री के स्पष्ट विज़न के अनुरूप उत्तराखंड में सुनियोजित, संतुलित और सतत शहरी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य सचिवालय में हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना–2041 के प्रारूप पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव ने की, जिसमें नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की के दीर्घकालिक विकास खाके पर विस्तार से चर्चा की गई। महायोजना–2041 का उद्देश्य केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं, बल्कि वर्ष 2041 तक की संभावित आबादी वृद्धि, शहरी विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है।
भविष्य के शहरों का समग्र ब्लूप्रिंट
समीक्षा बैठक में भूमि उपयोग के वैज्ञानिक निर्धारण, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों के संतुलित विस्तार, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, हरित क्षेत्रों के संरक्षण तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक शशि मोहन श्रीवास्तव ने महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी साझा की।
अधिकारियों ने बताया कि महायोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए नदी तटीय क्षेत्रों, हरित पट्टियों और सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण की स्पष्ट रणनीति शामिल की गई है। साथ ही, यातायात दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्ग, रिंग रोड और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
जनभागीदारी को मिला प्राथमिक स्थान
हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना–2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इस दौरान हरिद्वार क्षेत्र से लगभग 350 और रुड़की क्षेत्र से करीब 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुईं। बैठक में इन सभी बिंदुओं पर क्रमवार विचार करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का पारदर्शिता और नियमानुसार परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि महायोजना तभी सफल होगी जब वह जनअपेक्षाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हो। इसलिए प्रत्येक आपत्ति और सुझाव को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कदम
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना–2041 को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप देकर शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हरिद्वार–रुड़की महायोजना–2041 के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, बेहतर यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। यह महायोजना आने वाले वर्षों में हरिद्वार और रुड़की को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।



