21 किलोमीटर पॉड टैक्सी से बदलेगा हरिद्वार का ट्रैफिक भविष्य,, मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आवास का स्थलीय निरीक्षण, 21 स्टेशनों वाली परियोजना को मिली रफ्तार,, जाम, प्रदूषण और अव्यवस्था पर बड़ा प्रहार – समयबद्ध क्रियान्वयन के सख्त निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार- 21 किलोमीटर पॉड टैक्सी से बदलेगा हरिद्वार का ट्रैफिक भविष्य,,
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आवास का स्थलीय निरीक्षण, 21 स्टेशनों वाली परियोजना को मिली रफ्तार,,
जाम, प्रदूषण और अव्यवस्था पर बड़ा प्रहार – समयबद्ध क्रियान्वयन के सख्त निर्देश
हरिद्वार, 27 फरवरी 2026। धर्मनगरी हरिद्वार में वर्षों से विकराल होती जा रही यातायात जाम की समस्या पर अब निर्णायक प्रहार की तैयारी शुरू हो गई है। जनपद पहुंचे सचिव, आवास ने प्रस्तावित 21 किलोमीटर लंबी मेट्रो पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि यह योजना अब कागजों में नहीं, जमीन पर उतरनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान के प्रबन्ध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि परियोजना की कुल लंबाई 20.74 किलोमीटर है और इसमें 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना को 15 फरवरी 2023 को उत्तराखंड सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है।
जाम से मुक्ति का मास्टर प्लान
हरिद्वार शहर में खासकर तीर्थ सीजन और पर्वों के दौरान लगने वाला जाम अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। शहर की सड़कों की सीमित चौड़ाई और बढ़ते वाहनों के दबाव ने यातायात व्यवस्था को लगभग चरमरा दिया है। ऐसे में पॉड टैक्सी परियोजना को “गेम चेंजर” माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार यह ऑन-डिमांड, चालक रहित और पूर्णतः स्वचालित प्रणाली होगी। इलेक्ट्रिक आधारित संचालन के कारण यह पर्यावरण के अनुकूल होगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगी। नियंत्रित गाइडवे पर संचालन होने से सुरक्षा मानक भी उच्च रहेंगे।परियोजना के लिए कुल 4.8743 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है, जिसमें 0.8949 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 0.038 हेक्टेयर रेलवे भूमि शामिल है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि अपेक्षाकृत कम भूमि की आवश्यकता के कारण परियोजना के क्रियान्वयन में बड़ी बाधा नहीं आएगी।
भारत माता मंदिर से हर की पौड़ी तक गहन निरीक्षण
सचिव आवास ने निरीक्षण की शुरुआत से की। वहां से , मोतीचूर, खड़खड़ी भीमगोड़ा होते हुए ललतारों ब्रिज तक प्रस्तावित मार्ग का जायजा लिया गया। इस दौरान संभावित स्टेशनों, पार्किंग स्थलों और आवश्यक भूमि पर विस्तृत चर्चा की गई।इसके बाद टीम ने गेट, अपर रोड और हर की पौड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया। स्टेशन पर विशेष समीक्षा की गई, क्योंकि यह क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।दीन दयाल पार्किंग स्थल पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे (मां चंडी देवी एवं मनसा देवी मंदिर) के लोअर टर्मिनल का सर्वेक्षण भी किया गया। अधिकारियों ने संरेखण और यात्री आवागमन के प्रबंधन को लेकर गहन मंथन किया।इसके उपरांत हर की पौड़ी से ललतारों ब्रिज, वाल्मीकि चौक होते हुए ऋषिकुल और सीतापुर क्षेत्र तक चिन्हित स्टेशनों व डिपो स्थलों का निरीक्षण किया गया। स्पष्ट है कि यह परियोजना शहर के धार्मिक, शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने की रणनीति पर आधारित है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश – अब देरी नहीं
सचिव आवास आर राजेश कुमार ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि हरिद्वार में प्रस्तावित पॉड टैक्सी परियोजना को शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
उन्होंने परियोजना के लिए आवश्यक राजकीय भूमि के हस्तांतरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल ट्रैफिक जाम से राहत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हरिद्वार की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम, सुरक्षित और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे शहर की छवि आधुनिक धार्मिक नगरी के रूप में स्थापित होगी।
पॉड टैक्सी के जरिए भारत माता मंदिर, शान्तिकुंज, हर की पौड़ी, ऋषिकुल और प्रमुख पार्किंग स्थलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे निजी वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण संभव होगा।
अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के निदेशक वित्त संजीव मेहता, संयुक्त महाप्रबंधक (एचआर) कृष्णानन्द शर्मा, संयुक्त महाप्रबंधक (सिविल) जयनन्दन सिंहा, सहायक प्रबंधक (सिविल) अजयबीर सिंह नेगी, सेक्शन इंजीनियर सौरभ पटवाल और सर्वेयर हरिओम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएंगी।
निर्णायक मोड़ पर हरिद्वार
धर्मनगरी हरिद्वार लंबे समय से ट्रैफिक अव्यवस्था की मार झेल रही है। अब यह पॉड टैक्सी परियोजना शहर के विकास की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। सचिव आवास के सख्त रुख और मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों ने संकेत दे दिया है कि सरकार इस बार योजना को अधर में नहीं लटकने देगी।
यदि सब कुछ तय समय के अनुसार हुआ तो आने वाले वर्षों में हरिद्वार की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि स्मार्ट और सुव्यवस्थित शहर के रूप में भी होगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जमीन अधिग्रहण और प्रारंभिक कार्यों को कितनी तेजी से पूरा करता है।



