नशे के खिलाफ सामाजिक एकजुटता की पहल,, श्याम मंदिर कनखल में जन संघर्ष मोर्चा की अहम बैठक,, गुलशन खत्री ने कहा—युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा,, नशीले एवं मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती के नेतृत्व में लगातार जारी अभियान की सराहना

इन्तजार रजा हरिद्वार- नशे के खिलाफ सामाजिक एकजुटता की पहल,,
श्याम मंदिर कनखल में जन संघर्ष मोर्चा की अहम बैठक,,
गुलशन खत्री ने कहा—युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा,,
नशीले एवं मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती के नेतृत्व में लगातार जारी अभियान की सराहना

कनखल, 31 मार्च 2026।
कनखल स्थित में मंगलवार को नशे के बढ़ते खतरे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक के अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई, जिसमें “नशामुक्त समाज” के निर्माण और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए व्यापक चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित लोगों ने समाज में जागरूकता बढ़ाने और नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए गुलशन खत्री ने कहा कि आज नशे की समस्या तेजी से समाज में पैर पसार रही है और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि समाज के सभी वर्ग मिलकर नशे के खिलाफ मजबूत आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है। परिवार, शिक्षण संस्थान और सामाजिक संगठन यदि मिलकर काम करें तो नशे जैसी गंभीर समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
नशीले एवं मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती के नेतृत्व में लगातार जारी अभियान की सराहना
गुलशन खत्री ने जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि जिले की ड्रग्स इंस्पेक्टर द्वारा नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में ड्रग्स माफियाओं और सूखा नशा बेचने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के चलते कई अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा गया है और नशे के कारोबारियों में डर का माहौल बना है। इसके साथ ही समाज के जागरूक लोग भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं।
खत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि कई युवाओं ने आगे आकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में भागीदारी दिखाई है और अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दे रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस अभियान को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और निराधार आरोप लगाकर इसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों की सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन नशे के खिलाफ चल रहा अभियान किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए।
गैस की कालाबाजारी पर भी उठी आवाज
बैठक के दौरान जन संघर्ष मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता ने क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, फिर भी कुछ गैस एजेंसी संचालक और गोदाम कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ मनमानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और कुछ मामलों में कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी एजेंसियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
नशामुक्त युवा ही मजबूत समाज की पहचान
इस अवसर पर के जिलाध्यक्ष ने कहा कि नशामुक्त समाज ही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत होता है। उन्होंने कहा कि आज का नशामुक्त युवा ही कल देश का उज्ज्वल भविष्य तैयार करेगा।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराई से दूर रहें और समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग जागरूक हो जाए तो नशे जैसी समस्या को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।
समाज के कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
बैठक में समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे और सभी ने अपने विचार रखते हुए नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान सुंदर उपाध्याय, डॉ. राकेश वर्मा, संजीव शर्मा, सुनील त्यागी, एस.एन. शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने “नशामुक्त समाज” के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर इस दिशा में लगातार प्रयास करें तो निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को नशे की भयावह समस्या से बचाया जा सकता है।



