सुमन नगर को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग ने पकड़ा जोर! UKD के तुषार चौधरी ने खोला मोर्चा, प्रशासन के सामने रखी आर-पार की पैरवी…. सलेमपुर महदूद से अलग पहचान की लड़ाई तेज, राजस्व अभिलेखों से लेकर सरकारी रिकॉर्ड तक का हवाला देकर सौंपा विस्तृत प्रतिवेदन; अब अलग पंचायत की मांग पर टिकी क्षेत्रवासियों की निगाहें
सुमन नगर की ‘आजादी’ की जंग तेज! UKD के तुषार चौधरी ने फूंका अलग ग्राम पंचायत का बिगुल, प्रशासन के सामने रखी बड़ी मांग!.... सलेमपुर महदूद से अलग पहचान की हुंकार, दस्तावेजों के साथ जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचा मामला; अब सुमन नगर को अपनी पंचायत मिलने की उम्मीदों पर टिकी निगाहें

सुमन नगर को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग ने पकड़ा जोर! UKD के तुषार चौधरी ने खोला मोर्चा, प्रशासन के सामने रखी आर-पार की पैरवी….
सलेमपुर महदूद से अलग पहचान की लड़ाई तेज, राजस्व अभिलेखों से लेकर सरकारी रिकॉर्ड तक का हवाला देकर सौंपा विस्तृत प्रतिवेदन; अब अलग पंचायत की मांग पर टिकी क्षेत्रवासियों की निगाहें

हरिद्वार। सुमन नगर की अपनी ग्राम पंचायत, अपनी पहचान और अपने विकास की मांग अब नए सिरे से जोर पकड़ रही है। वर्षों से स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के बीच अपनी अलग पहचान की पैरवी कर रहे सुमन नगर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने का मुद्दा उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने प्रमुखता से उठाया है। संगठन के महानगर कार्यकारी अध्यक्ष तुषार चौधरी ने इस मांग को लेकर जिलाधिकारी हरिद्वार के समक्ष विस्तृत विधिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। मांग साफ है—सुमन नगर को सलेमपुर महदूद से पृथक कर स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

12 अक्टूबर 2026 को रोशनाबाद कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान UKD की ओर से यह मुद्दा उठाया गया। तुषार चौधरी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सुमन नगर की प्रशासनिक स्थिति, राजस्व अभिलेखों और स्थानीय निकाय से जुड़े रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पृथक ग्राम पंचायत गठन की मांग रखी। हालांकि, इस संबंध में जिलाधिकारी की ओर से किसी आदेश, स्वीकृति या सर्वे के निर्देश की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह मामला संगठन की ओर से प्रस्तुत मांग और प्रतिवेदन के स्तर पर है।
सुमन नगर की अलग पंचायत के लिए क्यों उठी आवाज?
UKD का कहना है कि सुमन नगर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, जनसमस्याओं और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े मामलों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिलेगा। संगठन ने अपनी मांग के समर्थन में केवल मौखिक दलीलें ही नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी दस्तावेजों और अभिलेखों का हवाला देते हुए विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया है।
तुषार चौधरी की ओर से प्रस्तुत आवेदन में उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 की धारा 3(1), उत्तराखंड शासन के संबंधित शासनादेशों, राजस्व अभिलेखों और स्थानीय निकाय से जुड़े रिकॉर्ड का उल्लेख किया गया है। संगठन ने इन दस्तावेजों के आधार पर सुमन नगर की प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा कर इसे पृथक ग्राम पंचायत बनाने की मांग उठाई है।
राजस्व रिकॉर्ड से लेकर सरकारी पोर्टल तक का हवाला
प्रतिवेदन में राजस्व ग्राम सुमन नगर की पहचान, खतौनी से संबंधित विवरण, स्थानीय निकाय की डिजिटल प्रविष्टियों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों को आधार बनाया गया है। UKD ने अपने आवेदन में संबंधित अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन का तर्क है कि पृथक ग्राम पंचायत के मुद्दे पर निर्णय करते समय केवल वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था को ही नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड, सरकारी अधिसूचनाओं और लागू नियमों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रतिवेदन के साथ कई दस्तावेज संलग्न किए गए हैं।
हालांकि, इन दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्र ग्राम पंचायत का गठन स्वतः सुनिश्चित नहीं होता। इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा अभिलेखों की जांच, पात्रता का परीक्षण और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी किया जाना आवश्यक होगा।
तुषार चौधरी की पहल से गरमाया पंचायत का मुद्दा
उत्तराखंड क्रांति दल के महानगर कार्यकारी अध्यक्ष तुषार चौधरी ने सुमन नगर की पृथक ग्राम पंचायत की मांग को जनता मिलन कार्यक्रम में उठाकर इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष रखा है। संगठन की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में मांग की गई है कि संबंधित विभाग मामले की जांच करें और सुमन नगर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने के प्रस्ताव पर नियमानुसार विचार किया जाए।
इस पहल के बाद क्षेत्र में अलग पंचायत की मांग को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर पंचायत गठन का मुद्दा केवल नाम या सीमा परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण प्रशासन, विकास कार्यों की प्राथमिकताओं और स्थानीय प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल भी जुड़े हुए हैं।
अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
सुमन नगर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने की मांग पर आगे की राह संबंधित विभागों की जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय से तय होगी। प्रतिवेदन में उठाए गए बिंदुओं का परीक्षण, राजस्व अभिलेखों का मिलान और लागू नियमों के तहत पात्रता का निर्धारण इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।
फिलहाल न तो पृथक ग्राम पंचायत गठन की स्वीकृति सामने आई है और न ही जिलाधिकारी की ओर से सर्वे या अन्य कार्रवाई का कोई पुष्ट आदेश उपलब्ध है। इसलिए इस पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम प्रशासन द्वारा मांग पर विचार और नियमानुसार कार्रवाई ही होगा।
मांग स्पष्ट, फैसला अभी बाकी
सुमन नगर को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा एक अहम सवाल सामने रखा है। UKD के तुषार चौधरी ने दस्तावेजों के साथ अपनी बात रख दी है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासनिक स्तर पर इस मांग की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने के प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है।सुमन नगर की अलग पहचान की यह मांग अब प्रतिवेदन के जरिए प्रशासन के सामने है। लेकिन मांग से मंजूरी तक का सफर अभी बाकी है—अंतिम फैसला सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया और निर्णय पर निर्भर करेगा।



