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कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में स्वच्छता का महाअभियान! 18 दिन तक चलेगी सफाई की मुहिम, DM मयूर दीक्षित ने 35 क्षेत्रों के लिए तैनात किए नोडल अधिकारी…… गंगा घाटों से लेकर हाईवे, रेलवे स्टेशन, सिडकुल और गांवों तक चलेगा सफाई अभियान! हर अधिकारी को देनी होगी जीपीएस लोकेशन के साथ पहले और बाद की फोटो, लापरवाही पर रहेगी प्रशासन की नजर

कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में स्वच्छता का महाअभियान! 18 दिन तक चलेगी सफाई की मुहिम, DM मयूर दीक्षित ने 35 क्षेत्रों के लिए तैनात किए नोडल अधिकारी……

गंगा घाटों से लेकर हाईवे, रेलवे स्टेशन, सिडकुल और गांवों तक चलेगा सफाई अभियान! हर अधिकारी को देनी होगी जीपीएस लोकेशन के साथ पहले और बाद की फोटो, लापरवाही पर रहेगी प्रशासन की नजर

धर्मनगरी हरिद्वार को कुंभ मेला-2027 से पहले स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब सफाई व्यवस्था को बड़े स्तर पर अभियान का रूप देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में 21 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक जनपदभर में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दायरे में केवल शहर की सड़कें और गंगा घाट ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र, धार्मिक स्थल, औद्योगिक परिसर, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, राष्ट्रीय राजमार्ग, नहरें, पार्किंग स्थल और सार्वजनिक संस्थान भी शामिल होंगे।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 35 अलग-अलग क्षेत्रों, संस्थाओं और विभागों के नोडल अधिकारी नामित किए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाने के साथ उसकी नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। खास बात यह है कि सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता नहीं चलेगी, बल्कि अधिकारियों को जीपीएस लोकेशन के साथ सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें भी उपलब्ध करानी होंगी।

35 क्षेत्रों की जिम्मेदारी तय, सफाई के नाम पर लापरवाही की गुंजाइश कम!

कुंभ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस अभियान में नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों और विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, औद्योगिक इकाइयों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

शहरी क्षेत्रों में नगर निगम हरिद्वार और रुड़की के नगर आयुक्त तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी अभियान का संचालन करेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को सौंपी गई है। उद्देश्य है कि शहर से लेकर गांवों तक सफाई व्यवस्था में सुधार हो और कूड़े-कचरे की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।

शैक्षणिक संस्थानों में मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सफाई अभियान चलाया जाएगा। युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयं सहायता समूहों को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। व्यापारिक संगठनों, राजनीतिक दलों से जुड़े संगठनों, एनजीओ और सोसाइटी की सहभागिता के लिए भी अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

गंगा घाटों से हाईवे तक सफाई, धार्मिक स्थलों पर रहेगा विशेष फोकस

हरिद्वार की पहचान मां गंगा और उसके घाटों से है। ऐसे में अभियान के दौरान गंगा घाटों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हरकी पैड़ी, आसपास के घाटों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों, आश्रमों, होटलों और संबंधित बाजारों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को दी गई है।

वन विभाग को वन क्षेत्र की सड़कों और भ्रमण स्थलों की सफाई सुनिश्चित करनी होगी। राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा। मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे तथा उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन को सौंपी गई है।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों, सर्विस लेन, फ्लाईओवर के नीचे के हिस्सों, ग्रामीण सड़कों, पुलों और सड़क किनारे के क्षेत्रों में सफाई कराई जाएगी। ग्रामीण सड़कों पर साइनेज और गति अवरोधकों की मरम्मत जैसे सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रैक के आसपास के क्षेत्र, बस स्टैंड, बस स्टॉप, टैक्सी स्टैंड, ट्रक स्टैंड और पार्किंग स्थलों को भी अभियान में शामिल किया गया है। इससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सिडकुल, बीएचईएल और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर

इस बार स्वच्छता अभियान का दायरा औद्योगिक क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक को औद्योगिक परिसरों तथा उनके आसपास सफाई सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। बीएचईएल परिसर, उसके आंतरिक मार्गों, बाजारों और संबंधित क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पतालों के आसपास सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर, सब स्टेशन, पेयजल संसाधन, जलाशय और पंप हाउस परिसरों को भी अभियान के दायरे में रखा गया है।

नहरों, रजवाहों, गूलों, पुलों, तालाबों, कृषि एवं उद्यान केंद्रों, पौधशालाओं, सहकारी समितियों, पशु चिकित्सालयों, गौशालाओं, मंडियों, गन्ना मिलों और गन्ना तौल केंद्रों पर भी विशेष सफाई अभियान संचालित किया जाएगा। मदिरा विक्रय केंद्रों की 500 मीटर परिधि में सफाई की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग को दी गई है।

जीपीएस लोकेशन और फोटो से होगी निगरानी, कंट्रोल रूम को भेजनी होगी रिपोर्ट

अभियान की सबसे अहम व्यवस्था इसकी निगरानी को लेकर की गई है। जिलाधिकारी ने सभी नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन चलाए गए सफाई अभियान की जानकारी जीपीएस लोकेशन सहित उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही सफाई शुरू होने से पहले और काम पूरा होने के बाद की तस्वीरें स्वच्छता कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप ग्रुप में अनिवार्य रूप से साझा करनी होंगी।

स्वच्छता कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर: 8273371714।

इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान की वास्तविक प्रगति का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित क्षेत्रों में सफाई का काम जमीन पर दिखाई दे। अधिकारियों को निर्देशों का पालन करते हुए नियमित निगरानी, आपसी समन्वय और जनभागीदारी के साथ अभियान संचालित करने को कहा गया है।

विजयदशमी पर हरकी पैड़ी से हुई शुरुआत, नगर निगम ने संभाली कमान

कुंभ-2027 की तैयारियों के बीच विजयदशमी के अवसर पर नगर निगम हरिद्वार ने हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। नगर आयुक्त नंदन कुमार के नेतृत्व में नगर निगम की टीम और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने घाटों तथा आसपास के सार्वजनिक स्थलों की सफाई में सहयोग किया।

अभियान के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों को साफ रखने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। नगर निगम ने नागरिकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा न फैलाएं और गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

अब 21 अक्टूबर से शुरू होने वाला 18 दिवसीय वृहद अभियान हरिद्वार की सफाई व्यवस्था की व्यापक परीक्षा होगा। प्रशासन के सामने चुनौती केवल निर्धारित अवधि में सफाई कराने की नहीं, बल्कि अभियान के बाद भी स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने की होगी। यदि सभी विभाग निर्धारित जिम्मेदारी निभाते हैं और जनता की भागीदारी लगातार बनी रहती है, तो कुंभ-2027 से पहले धर्मनगरी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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