हरिद्वार में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों और गैस एजेंसियों के साथ की अहम बैठक,, कालाबाजारी, अवैध भंडारण और रिफिलिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों और गैस एजेंसियों के साथ की अहम बैठक,,
कालाबाजारी, अवैध भंडारण और रिफिलिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
हरिद्वार, 15 मार्च 2026।
जनपद हरिद्वार में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा कंट्रोल रूम में संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो तथा किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या अवैध भंडारण की शिकायत न मिले।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह पारदर्शी और नियमित तरीके से की जाए। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही गैस बुकिंग के आधार पर समय से सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं और अधिकतम आपूर्ति होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जाए ताकि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों पर अनावश्यक रूप से लाइन में न लगना पड़े।
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को उनके द्वारा की गई बुकिंग के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही अब अधिकतर बुकिंग ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से भी की जा रही है, जिससे व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने यह भी बताया कि कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं, जिसका मुख्य कारण कई उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करना है। जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं हुई है, उनकी गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिसके चलते एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए कि केवाईसी के लिए अलग काउंटर खोले जाएं ताकि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी प्रकार से एलपीजी गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी गैस एजेंसी या व्यक्ति द्वारा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों की नियमित रूप से निगरानी की जाए और समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए। सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और नामित नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की मॉनिटरिंग करने और आवश्यक होने पर छापेमारी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनपद के चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थानों और आश्रमों को एलपीजी गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए ताकि वहां किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में गैस की नियमित उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए एजेंसियां इस बात का विशेष ध्यान रखें।जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को यह भी निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को ऑनलाइन केवाईसी के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें जागरूक किया जाए ताकि एजेंसियों पर भीड़ कम हो सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देने से व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी और उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिलेगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में प्राप्त हो रही शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आम जनता से भी अपील की कि वे गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जनपद में एलपीजी गैस की स्थिति सामान्य है और उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए किसी को घबराने या अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम निशा यादव, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीएनओ मयंक कुमार, गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारी अश्वनी कुमार, सुनील सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि प्रशासन जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।



