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सलेमपुर–दादूपुर में अवैध कबाड़ कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा,, आबादी के बीच चल रहे लघु उद्योगों की होगी संयुक्त जांच, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय,, प्रदूषण, आगजनी और सुरक्षा खतरे को लेकर SDM के नेतृत्व में बनी जॉइंट टीम

हरिद्वार जिले के सलेमपुर–दादूपुर क्षेत्र में लंबे समय से आबादी के बीच संचालित हो रहे अवैध कबाड़ गोदामों और कच्चे माल आधारित लघु उद्योगों पर अब प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। लगातार मिल रही शिकायतों, बढ़ते प्रदूषण और आगजनी की आशंकाओं को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) जितेंद्र कुमार ने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एचआरडीए, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की एक जॉइंट टीम गठित की जा रही है, जो संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी।

इन्तजार रजा हरिद्वार- सलेमपुर–दादूपुर में अवैध कबाड़ कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा,,

आबादी के बीच चल रहे लघु उद्योगों की होगी संयुक्त जांच, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय,,

प्रदूषण, आगजनी और सुरक्षा खतरे को लेकर SDM के नेतृत्व में बनी जॉइंट टीम

हरिद्वार।
हरिद्वार जिले के सलेमपुर–दादूपुर क्षेत्र में लंबे समय से आबादी के बीच संचालित हो रहे अवैध कबाड़ गोदामों और कच्चे माल आधारित लघु उद्योगों पर अब प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। लगातार मिल रही शिकायतों, बढ़ते प्रदूषण और आगजनी की आशंकाओं को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) जितेंद्र कुमार ने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एचआरडीए, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की एक जॉइंट टीम गठित की जा रही है, जो संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सलेमपुर और दादूपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर प्लास्टिक, लोहे, इलेक्ट्रॉनिक कचरे और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कबाड़ गोदाम बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई गोदाम सीधे रिहायशी इलाकों के बीच बने हुए हैं, जो न केवल पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि स्थानीय लोगों की जान–माल के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए हैं।

संयुक्त टीम करेगी मानकों की पड़ताल

SDM जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि गठित की जा रही जॉइंट टीम हर पहलू से जांच करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि संबंधित कबाड़ गोदामों और लघु उद्योगों के पास आवश्यक लाइसेंस हैं या नहीं, अग्निशमन सुरक्षा के मानक पूरे किए गए हैं या नहीं, भवन और भूमि उपयोग नियमों का पालन हो रहा है अथवा नहीं, और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का कितना अनुपालन किया जा रहा है।

प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि आबादी के बीच किसी भी तरह की अवैध गतिविधि न चले, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, जुर्माना और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

जितेंद्र कुमार (उप जिलाधिकारी, हरिद्वार):

“सलेमपुर–दादूपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कबाड़ गोदामों और लघु उद्योगों की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों की एक जॉइंट टीम बनाई जा रही है। टीम मौके पर जाकर मानकों की जांच करेगी और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

अग्निशमन विभाग भी अलर्ट मोड पर

इस पूरे प्रकरण में अग्निशमन विभाग की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव ने बताया कि प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कबाड़ गोदाम आग के लिहाज से बेहद संवेदनशील होते हैं। यदि ये रिहायशी क्षेत्रों में बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालित हों, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि विभाग की टीम अग्निशमन मानकों की विशेष रूप से जांच करेगी। जहां अग्नि सुरक्षा उपकरण, फायर एनओसी या अन्य जरूरी व्यवस्थाएं नहीं पाई जाएंगी, वहां तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

वंश बहादुर यादव (मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला हरिद्वार):

“प्लास्टिक और कबाड़ के गोदामों में आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हमारी टीम विस्तृत जांच करेगी। अगर कहीं भी अग्निशमन मानकों का उल्लंघन मिला, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती

केवल आगजनी ही नहीं, बल्कि इन अवैध कबाड़ गोदामों से निकलने वाला धुआं, बदबू और अपशिष्ट स्थानीय पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। क्षेत्रीय अधिकारी राजेन्द्र सिंह कठैत ने बताया कि कई स्थानों पर बिना किसी अनुमति के प्लास्टिक और अन्य कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम हवा, पानी और ठोस अपशिष्ट से जुड़े मानकों की जांच करेगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नोटिस, जुर्माना और आवश्यकतानुसार इकाइयों को बंद करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

राजेन्द्र सिंह कठैत (क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरिद्वार):

“बिना अनुमति संचालित कबाड़ गोदाम और लघु उद्योग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। जांच के दौरान यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत की उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे इन अवैध कबाड़ गोदामों को लेकर परेशान हैं। आए दिन छोटे–मोटे हादसे, आग लगने की घटनाएं और प्रदूषण से स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की इस संयुक्त पहल से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब निगाहें जॉइंट टीम की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रशासन अपने इरादों पर पूरी मजबूती से अमल करता है, तो सलेमपुर–दादूपुर क्षेत्र में अवैध कबाड़ कारोबार पर निश्चित रूप से बड़ा और निर्णायक प्रहार माना जाएगा।

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