निजी बाइक से कमर्शियल सवारी! Rapido पर चला प्रशासन का डंडा,, हरिद्वार में प्राइवेट नंबर की बाइक से कराई जा रही थी राइड, ARTO ने जारी किया कारण बताओ नोटिस,, 7 दिन में जवाब नहीं तो Rapido पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई, ऐप संचालन पर प्रतिबंध की संस्तुति भी संभव
ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रशासन की सख्ती अब साफ दिखाई देने लगी है। हरिद्वार जनपद में Rapido (Roppen Transportation Services Pvt. Ltd.) द्वारा निजी पंजीकरण वाली बाइक को व्यवसायिक यात्री परिवहन में इस्तेमाल कराए जाने का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। एआरटीओ प्रशासन हरिद्वार निखिल शर्मा ने Rapido कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण तलब किया

इन्तजार रजा हरिद्वार- निजी बाइक से कमर्शियल सवारी! Rapido पर चला प्रशासन का डंडा,,
हरिद्वार में प्राइवेट नंबर की बाइक से कराई जा रही थी राइड, ARTO ने जारी किया कारण बताओ नोटिस,,
7 दिन में जवाब नहीं तो Rapido पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई, ऐप संचालन पर प्रतिबंध की संस्तुति भी संभव

हरिद्वार।
ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रशासन की सख्ती अब साफ दिखाई देने लगी है। हरिद्वार जनपद में Rapido (Roppen Transportation Services Pvt. Ltd.) द्वारा निजी पंजीकरण वाली बाइक को व्यवसायिक यात्री परिवहन में इस्तेमाल कराए जाने का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। एआरटीओ प्रशासन हरिद्वार निखिल शर्मा ने Rapido कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण तलब किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 28 जनवरी 2026 को Rapido मोबाइल एप के माध्यम से हरिद्वार जनपद की सीमा में एक राइड बुक की गई थी। इस राइड के लिए मोटरसाइकिल संख्या UP12BD-0396 आवंटित की गई। जांच में सामने आया कि उक्त बाइक अव्यवसायिक (प्राइवेट) श्रेणी में पंजीकृत थी, इसके बावजूद उसे व्यवसायिक यात्री परिवहन के लिए प्रयोग किया गया, जो सीधे तौर पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 का उल्लंघन है।
निजी वाहन से सवारी ढोना कानून का खुला उल्लंघन
परिवहन विभाग का कहना है कि निजी श्रेणी में पंजीकृत किसी भी वाहन को बिना वैध परमिट, फिटनेस, व्यवसायिक बीमा और परिवहन श्रेणी के पंजीकरण के यात्री सेवा में लगाना पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद Rapido जैसे ऐप आधारित प्लेटफॉर्म द्वारा ऐसे वाहनों को ऑनबोर्ड कर यात्रियों को सेवा देना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह जन सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कंपनी द्वारा इस प्रकार की गतिविधियाँ राज्य में लागू परिवहन नियामक व्यवस्था की खुली अवहेलना हैं और यह दर्शाती हैं कि कंपनी कानूनी प्रावधानों एवं सड़क सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
Rapido पर लगे ये गंभीर आरोप
परिवहन विभाग द्वारा जारी नोटिस में Rapido पर निम्नलिखित उल्लंघनों का उल्लेख किया गया है—
- निजी वाहन का बिना वैध परमिट के व्यवसायिक उपयोग
- परिवहन श्रेणी में पंजीकरण के बिना यात्री सेवा का संचालन
- बिना वैध परमिट, फिटनेस, व्यवसायिक बीमा एवं अन्य अनिवार्य दस्तावेजों के यात्री परिवहन को बढ़ावा देना
इन सभी बिंदुओं को अत्यंत गंभीर प्रकृति का उल्लंघन मानते हुए विभाग ने कंपनी से जवाब मांगा है।
7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो होगी कठोर कार्रवाई
एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने बताया कि Rapido कंपनी का संचालन राज्य में देहरादून से किया जा रहा है, जबकि इसका मुख्य कार्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थित है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोनों कार्यालयों को नोटिस जारी किया गया है।
कंपनी को निर्देशित किया गया है कि वह सात दिवस के भीतर यह स्पष्ट करे—
- किस वैधानिक प्रावधान के अंतर्गत निजी वाहनों को व्यवसायिक यात्री परिवहन हेतु प्लेटफॉर्म पर अनुमति दी जा रही है।
- वाहन ऑनबोर्डिंग से पूर्व कौन-सी सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे यह सुनिश्चित हो कि वाहन के पास वैध परमिट, पंजीकरण श्रेणी, बीमा एवं अन्य दस्तावेज मौजूद हैं।
- कंपनी के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम 1988 एवं संबंधित नियमों के अंतर्गत विधिक कार्रवाई क्यों न प्रारंभ की जाए।
जवाब नहीं तो ऐप पर भी लग सकता है प्रतिबंध
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो बिना किसी अतिरिक्त पत्राचार के कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें—
- वाहन स्वामी एवं चालक के विरुद्ध अभियोजन
- अवैध परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए Rapido के खिलाफ विधिक कार्रवाई
- जनपद अथवा राज्य स्तर पर ऐप आधारित संचालन पर प्रतिबंध अथवा निलंबन की संस्तुति
जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
कंपनियों को सब पता होता है, बहाने नहीं चलेंगे
एआरटीओ निखिल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐप पर काम करने वाले कई चालक भले ही इसे पार्ट टाइम रोजगार मानते हों और उन्हें नियमों की पूरी जानकारी न हो, लेकिन कंपनियां बड़ी होती हैं और उन्हें हर नियम-कानून की जानकारी होती है। यदि Rapido के पास एग्रीगेटर लाइसेंस है, तो उसकी शर्तों में स्पष्ट रूप से यह लिखा होता है कि केवल वैध परिवहन श्रेणी के वाहन ही यात्री सेवा में लगाए जा सकते हैं।
इसके बावजूद यदि नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है तो यह सीधे तौर पर एग्रीगेटर लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है, जिस पर मुख्यालय को कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी।
ऐप बेस्ड टैक्सी सेवाओं पर कसा शिकंजा
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाएं किस हद तक नियमों का पालन कर रही हैं। परिवहन विभाग का साफ संदेश है—नियम तोड़कर सवारी ढोने वालों पर अब नरमी नहीं बरती जाएगी।
प्रशासन की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य ऐप आधारित कंपनियों के लिए भी सख़्त चेतावनी मानी जा रही है।



