गैंगस्टर हत्याकांड के बाद एक्शन मोड में पुलिस,, प्रॉपर्टी डीलर, ब्रोकर और किरायेदारों का होगा अनिवार्य सत्यापन,, डीजीपी दीपम सेठ का कड़ा संदेश – संदिग्धों को आश्रय देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

इन्तजार रजा हरिद्वार- गैंगस्टर हत्याकांड के बाद एक्शन मोड में पुलिस,,
प्रॉपर्टी डीलर, ब्रोकर और किरायेदारों का होगा अनिवार्य सत्यापन,,
डीजीपी दीपम सेठ का कड़ा संदेश – संदिग्धों को आश्रय देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
देहरादून, 17 फरवरी 2026।
हाल ही में हुए गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ने व्यापक सत्यापन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किरायेदारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
डीजीपी के निर्देशानुसार अब प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा। उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की भी जांच होगी। बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखने या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रम, धर्मशालाओं, किराए के मकानों, फ्लैट्स, पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस तक विस्तारित रहेगा।
ई-कॉमर्स और डिलीवरी एजेंट भी रडार पर
पुलिस ने होम डिलीवरी सेवाओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों का भी विशेष सत्यापन करने का निर्णय लिया है। , और सहित अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े डिलीवरी एजेंटों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सिक्योरिटी एजेंसियों के स्टाफ, कैब संचालकों और इंडस्ट्रियल एरिया में कार्यरत ठेकेदारों की भी जांच की जाएगी।
अभियान के दौरान आधुनिक तकनीकी संसाधनों और केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। पुलिस अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित करेगी ताकि अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
अवैध प्रवासियों और विदेशी नागरिकों पर भी नजर
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों तथा वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों और ब्यूटी पार्लर जैसे प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की भी जांच होगी।
सीओ से लेकर आईजी रेंज स्तर तक इस अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमें गठित की गई हैं। एकल और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके घरेलू सहायकों, केयरटेकर और ड्राइवरों का भी अनिवार्य सत्यापन कराया जाएगा।
डीजीपी दीपम सेठ ने दो टूक कहा कि यह अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उत्तराखंड पुलिस का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि प्रदेश में अपराध और अव्यवस्था के लिए अब कोई जगह नहीं है।



