किसानों का महासंग्राम,, बहादराबाद टोल प्लाज़ा पर राकेश टिकैत की हुंकार,, बहादराबाद टोल प्लाजा पर गूंजे नारे, राकेश टिकैत ने संभाली कमान,, स्मार्ट मीटर, गन्ना भुगतान और मुफ्त बिजली बनी किसानों की प्रमुख मांग को लेकर लडाई आर-पार

इन्तजार रजा हरिद्वार- किसानों का महासंग्राम,,
बहादराबाद टोल प्लाज़ा पर राकेश टिकैत की हुंकार,,
बहादराबाद टोल प्लाजा पर गूंजे नारे, राकेश टिकैत ने संभाली कमान,,
स्मार्ट मीटर, गन्ना भुगतान और मुफ्त बिजली बनी किसानों की प्रमुख मांग को लेकर लडाई आर-पार
हरिद्वार, 22 अगस्त 2025।
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बहादराबाद टोल प्लाज़ा पर किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी उग्र रूप लेता दिख रहा है। किसानों की सबसे बड़ी नाराज़गी स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर है। किसानों का कहना है कि यह योजना उनके ऊपर अतिरिक्त बोझ डालने का काम करेगी और पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों को और संकट में डाल देगी। इसके अलावा गन्ने के बकाया भुगतान और किसानों को मुफ्त बिजली दिए जाने की मांग भी आंदोलन की मुख्य वजह बनी हुई है।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे हैं। माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए टोल प्लाज़ा क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की है। वहीं किसान नेता लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और ज्यादा लंबा और उग्र होगा।
राकेश टिकैत का आगमन और किसानों में जोश
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत खुद आंदोलन को मजबूती देने के लिए बहादराबाद टोल प्लाज़ा पहुंचे। उनके पहुंचते ही किसानों में भारी उत्साह और जोश देखने को मिला। मंच से संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि किसानों की आवाज़ को दबाने की किसी भी कोशिश का जवाब आंदोलन को और बड़ा बनाकर दिया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं को तुरंत हल नहीं किया गया तो यह आंदोलन केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देशभर में फैलेगा।
राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन
“स्मार्ट मीटर किसानों की जेब पर बोझ हैं। सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। अगर आवाज़ दबाने की कोशिश हुई तो विरोध और उग्र होगा।”
किसानों की मुख्य मांगें
किसानों के आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें हैं –
- स्मार्ट मीटर लगाए जाने का फैसला वापस लिया जाए।
- गन्ने का बकाया भुगतान तुरंत किया जाए।
- किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
धरने पर बैठे किसान नेताओं का कहना है कि उनकी इन मांगों को कई बार सरकार और प्रशासन के सामने रखा गया है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि मजबूरी में उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
ममता राकेश का बयान
भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आईं। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। सरकार को किसानों के मुद्दों को गंभीरता से लेना होगा, क्योंकि अन्नदाता की आवाज़ को दबाना किसी भी लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
ममता राकेश, विधायक भगवानपुर, हरिद्वार
“किसानों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत इन मुद्दों का समाधान करे। स्मार्ट मीटर से किसानों की जेब खाली होगी और गन्ना बकाया का मुद्दा पहले से ही किसानों को परेशान कर रहा है।”
प्रशासन की निगरानी
धरना स्थल पर पुलिस-प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। जिलास्तर के अधिकारी लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, फिलहाल दोनों पक्षों में सहमति बनती नहीं दिख रही।
आंदोलन लंबे समय तक चलने के संकेत
किसानों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान संगठनों का दावा है कि यह आंदोलन लंबे समय तक चल सकता है और सरकार के रवैये पर निर्भर करेगा कि यह कब तक खत्म होगा।
हरिद्वार के बहादराबाद टोल प्लाज़ा पर किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। राकेश टिकैत जैसे बड़े किसान नेता की मौजूदगी ने इसे और मजबूती दी है। स्मार्ट मीटर, गन्ना भुगतान और मुफ्त बिजली जैसे मुद्दे सीधे किसानों की रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। अगर इन समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं हुआ, तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है और सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।



