रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस का साइबर अपराधियों पर प्रहार! ‘डिजिटल रावण’ से बचने के लिए बताई साइबर सुरक्षा की लक्ष्मण रेखा….. रावण के दस सिरों से समझाया साइबर ठगी का जाल, AI-डीपफेक और फर्जी KYC के खतरे से किया आगाह; ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल!

रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस का साइबर अपराधियों पर प्रहार! ‘डिजिटल रावण’ से बचने के लिए बताई साइबर सुरक्षा की लक्ष्मण रेखा…..
रावण के दस सिरों से समझाया साइबर ठगी का जाल, AI-डीपफेक और फर्जी KYC के खतरे से किया आगाह; ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल!
हरिद्वार। रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ जागरूकता का ऐसा संदेश दिया, जिसने धार्मिक प्रसंगों को डिजिटल सुरक्षा से जोड़ दिया। माता सीता के हरण और रावण के छल का उदाहरण देकर पुलिस ने लोगों को समझाया कि आज के दौर में साइबर ठग भी अलग-अलग रूप धारण कर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। पुलिस की इस अनूठी पहल के माध्यम से सैकड़ों दर्शकों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए गए।
त्योहारी सीजन में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना बहादराबाद पुलिस ने यह अभियान चलाया। स्थानीय रामलीला मंचन के दौरान उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने रामायण के अरण्य कांड का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर माता सीता को छलने का प्रयास किया, उसी प्रकार आज साइबर अपराधी भी कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिसकर्मी, कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि तो कभी रिश्तेदार बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
दस सिरों वाला ‘डिजिटल रावण’, ठगी के अनेक हथकंडे!
उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने रावण के दस सिरों की तुलना साइबर अपराधियों के अलग-अलग हथकंडों से करते हुए लोगों को सतर्क किया। उन्होंने बताया कि AI और डीपफेक तकनीक, फर्जी लॉटरी, नकली KYC अपडेट, संदिग्ध लिंक और फर्जी लोन के नाम पर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार ठग डर दिखाकर या आकर्षक प्रलोभन देकर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या ATM PIN साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान ऐप डाउनलोड करने और किसी को मोबाइल का रिमोट एक्सेस देने से बचें। सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
AI की आवाज और वीडियो पर भी न करें आंख मूंदकर भरोसा
पुलिस ने लोगों को आगाह किया कि यदि किसी रिश्तेदार के दुर्घटनाग्रस्त होने या अचानक रुपये मांगने का संदेश, कॉल अथवा वीडियो मिले, तो बिना पुष्टि पैसे न भेजें। संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि जरूर करें। ATM बूथ पर अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें और नौकरी, लॉटरी या लोन के नाम पर मिलने वाले लुभावने प्रस्तावों के झांसे में न आएं।
साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत
उप निरीक्षक ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
बहादराबाद पुलिस ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सतर्क करें। रामलीला जैसे लोकप्रिय सांस्कृतिक मंच पर धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से दिया गया यह संदेश दर्शकों तक साइबर सुरक्षा की सीख पहुंचाने का माध्यम बना। पुलिस की इस पहल की रामलीला समिति और उपस्थित दर्शकों ने सराहना की।



