CMO ऑफिस की क्षैत्र में बड़ी कार्रवाई से हड़कंप,, आठ अस्पतालों पर ठोका 50-50 हजार का भारी जुर्माना,, बिना डॉक्टर–बिना सुविधाओं वाले अस्पताल, अब कैंसिल होगा पंजीकरण

इन्तजार रजा हरिद्वार- CMO ऑफिस की क्षैत्र में बड़ी कार्रवाई से हड़कंप,,
आठ अस्पतालों पर ठोका 50-50 हजार का भारी जुर्माना,,
बिना डॉक्टर–बिना सुविधाओं वाले अस्पताल, अब कैंसिल होगा पंजीकरण

हरिद्वार जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल आठ अस्पतालों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। जांच में पाया गया कि ये अस्पताल बिना डॉक्टर, बिना मान्यता और बिना आवश्यक मेडिकल सुविधाओं के चलाए जा रहे थे। CMO कार्यालय ने इसे मरीजों की जान से सीधा खिलवाड़ बताते हुए इन अस्पतालों के पंजीकरण को रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पूरी जांच में क्या मिला?
CMO की टीम ने जिलेभर में स्थित कई निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स का औचक निरीक्षण किया। टीम के अनुसार कई जगह—
- न तो एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद थे,
- न ही क्रिटिकल मरीजों के लिए आवश्यक उपकरण,
- और कई अस्पतालों में तो नर्सिंग स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था। कई क्लीनिकों में डॉक्टरों की जगह कंपाउंडर इलाज करते पाए गए, जबकि कुछ अस्पतालों में फर्जी पंजीकरण और बिना अपडेट रिकॉर्ड के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए मौके पर ही जुर्माना लगाने और दस्तावेज जब्त करने की कार्रवाई की।
🔴 सुल्तानपुर क्षेत्र के 3 अस्पतालों पर कार्रवाई
- लविश क्लीनिक
- आदित्य क्लीनिक
- मैक्स मेडिकेयर
इन तीनों अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और सुविधाओं की भारी कमी पाई गई। टीम ने बताया कि अस्पतालों में चल रहा इलाज स्वास्थ्य मानकों के बिल्कुल विपरीत था।
🔴 धनपुरा क्षेत्र के 5 अस्पतालों पर गिरी गाज
- एल.एम. हॉस्पिटल
- ग्लोबल हॉस्पिटल
- क्लासिक हॉस्पिटल
- वेल केयर हॉस्पिटल
- गैलेक्सी हॉस्पिटल
इन अस्पतालों में से कई जगह ऑक्सीजन यूनिट, इमरजेंसी की व्यवस्था, NABH के मानक और चिकित्सकीय रिकॉर्ड तक मौजूद नहीं थे। कुछ अस्पताल ऐसे थे जिनके पास डॉक्टरों का नाम और डिग्री भी सत्यापित नहीं हो सकी।

CMO कार्यालय के अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अस्पताल जनता की ज़िंदगी को खतरे में डालते हैं।
“जो अस्पताल नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनका पंजीकरण सीधा रद्द किया जाएगा। किसी को भी बिना योग्यता इलाज करने की अनुमति नहीं है।”उन्होंने बताया कि आगे भी जिलेभर में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, और किसी भी अस्पताल को नियम तोड़ते पाया गया तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने कहा—बहुत ज़रूरी थी ये कार्रवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से कई अस्पताल बिना डॉक्टरों के चल रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। अब कार्रवाई होने से लोगों में राहत है कि कम से कम अवैध अस्पतालों पर लगाम लगेगी।



