सिडकुल पुलिस का बड़ा एक्शन, 02 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, टूटा वाहन चोरों का नेटवर्क,, मुन्जाल शोवा के पीछे बना रखा था चोरी का अड्डा, 05 दुपहिया वाहन बरामद,, एसएसपी हरिद्वार के आदेशानुसार सिडकुल थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की अगुवाई क्राइम ग्राफ तैयार कर पुलिस ने कसी घेराबंदी

इन्तजार रजा हरिद्वार- सिडकुल पुलिस का बड़ा एक्शन, 02 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, टूटा वाहन चोरों का नेटवर्क,,
मुन्जाल शोवा के पीछे बना रखा था चोरी का अड्डा, 05 दुपहिया वाहन बरामद,,
एसएसपी हरिद्वार के आदेशानुसार सिडकुल थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की अगुवाई क्राइम ग्राफ तैयार कर पुलिस ने कसी घेराबंदी
हरिद्वार।
थाना सिडकुल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर हरिद्वार पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए वाहन चोरों के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की सख्त नीति और अपराध के प्रति “जीरो टॉलरेंस” रवैये का असर साफ नजर आया, जब सिडकुल पुलिस ने सिलसिलेवार वाहन चोरियों में लिप्त 02 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 05 दुपहिया वाहन बरामद किए।
पिछले कई दिनों से सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र, डैन्सो चौक और आसपास के इलाकों में दोपहिया वाहनों की चोरी से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल था। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी हरिद्वार ने सिडकुल पुलिस को कड़े निर्देश जारी करते हुए चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों को शीघ्र सलाखों के पीछे पहुंचाने के आदेश दिए।
क्राइम ग्राफ तैयार कर पुलिस ने कसी घेराबंदी
एसएसपी के निर्देशों के क्रम में थानाध्यक्ष सिडकुल नितेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा चोरी की सभी घटनास्थलों का गहन निरीक्षण किया गया। घटनाओं के समय, स्थान, तरीके और संभावित मूवमेंट को जोड़ते हुए एक Crime Graph तैयार किया गया। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों, फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए।
लगातार तकनीकी और मैनुअल निगरानी के बाद पुलिस को मुखबिर तंत्र से गोपनीय सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर दिनांक 08 फरवरी 2026 को दवा चौक, सिडकुल क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध दबोचे, चोरी की बाइक बरामद
पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों आयुष पुत्र गंगाराम और रोहित पुत्र शिवराम को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई, जो डैन्सो चौक से चोरी की गई थी और मु0अ0सं0 48/2026 धारा 303(2) बीएनएस में वांछित थी।
हिरासत में लेकर जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने वाहन चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों अभियुक्त चोरी के वाहनों को मुन्जाल शोवा कंपनी के पीछे सुनसान स्थान पर छिपाकर रखते थे, जिसे वे अपना सुरक्षित “अड्डा” मानते थे।
मुन्जाल शोवा के पीछे से 04 और वाहन बरामद
अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मुन्जाल शोवा कंपनी के पीछे दबिश दी, जहां से 03 मोटरसाइकिल और 01 स्कूटी बरामद की गई। इस प्रकार कुल 05 दुपहिया वाहन पुलिस ने बरामद किए। जांच में पाया गया कि इनमें से 02 वाहन पहले से पंजीकृत अभियोगों से संबंधित हैं, जबकि शेष के संबंध में वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्लस और एक्टिवा स्कूटी शामिल हैं, जिनके चेसिस और इंजन नंबरों का सत्यापन कर लिया गया है।

अपराध की दुनिया में पहले से सक्रिय थे दोनों आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी पूर्व में भी वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त रहे हैं। आयुष और रोहित के खिलाफ सिडकुल थाने में मु0अ0सं0 48/26, 49/26 व 28/26 के अंतर्गत धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस में मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि दोनों शातिर अपराधी लंबे समय से वाहन चोरी को अपना जरिया बना चुके थे।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल खुलासे में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार सैनी, संजय चौहान, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र मलिक, संजय सिंह सहित कांस्टेबल रोहित कुमार, जितेन्द्र तोमर, अरविन्द कुमार और मुकेश कुमार की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता, सूझबूझ और लगातार मेहनत से यह बड़ी सफलता हाथ लगी।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश— अपराधियों के लिए हरिद्वार नहीं है सुरक्षित
इस कार्रवाई के बाद एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल का स्पष्ट संदेश है कि जनपद में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और आगे भी ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
इस खुलासे से न सिर्फ वाहन चोरों में हड़कंप मचा है, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। सिडकुल क्षेत्र में यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कड़ा चेतावनी संदेश मानी जा रही है।



