हरिद्वार में ई-रिक्शा संचालन पर जल्द बड़ा एक्शन तय,, कलर कोड और QR सिस्टम से ट्रैफिक होगा डिजिटल, 16 रूट फाइनल,, सबसे अहम कदम QR कोड स्टीकर प्रणाली, एआरटीओ निखिल शर्मा ने स्वयं विकसित किया QR,स्कैन करते ही मिलेगी वाहन, चालक और रूट की पूरी जानकारी,, डीएम मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एआरटीओ निखिल शर्मा की पहल पर अब तक करीब 163 चालको को कलर कोड और QR सिस्टम से जोड़ा गया

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ई-रिक्शा संचालन पर जल्द बड़ा एक्शन तय,,
कलर कोड और QR सिस्टम से ट्रैफिक होगा डिजिटल, 16 रूट फाइनल,,
सबसे अहम कदम QR कोड स्टीकर प्रणाली, एआरटीओ निखिल शर्मा ने स्वयं विकसित किया QR,स्कैन करते ही मिलेगी वाहन, चालक और रूट की पूरी जानकारी,,
डीएम मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एआरटीओ निखिल शर्मा की पहल पर अब तक करीब 163 चालको को कलर कोड और QR सिस्टम से जोड़ा गया
धर्मनगरी हरिद्वार में अब ट्रैफिक अराजकता की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। वर्षों से बिना रूट, बिना पहचान और बिना अनुशासन के सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने वाला है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा की पहल पर शहर में ई-रिक्शा संचालन को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। साफ संदेश है—अब मनमानी नहीं, नियम ही चलेंगे।
प्रशासन ने शहर में ई-रिक्शाओं के लिए 16 निर्धारित रूट तय कर कलर-कोडित व्यवस्था लागू कर दी है। हर रूट को एक अलग रंग दिया गया है और संबंधित ई-रिक्शा उसी रंग के स्टिकर और रूट नंबर के साथ संचालित होंगे। इसका सीधा उद्देश्य है—यातायात व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और नियंत्रित बनाना। अब कोई भी ई-रिक्शा अपनी तय सीमा से बाहर नहीं चलेगा। यदि ऐसा पाया गया तो सख्त कार्रवाई तय है।
QR कोड से होगी पूरी निगरानी, मोबाइल पर दिखेगी पूरी जानकारी
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत है QR कोड स्टीकर प्रणाली। एआरटीओ निखिल शर्मा द्वारा विकसित इस डिजिटल सिस्टम के तहत हर पंजीकृत ई-रिक्शा पर एक यूनिक QR कोड चस्पा किया जा रहा है। जैसे ही कोई अधिकारी या आम नागरिक इसे स्कैन करेगा, तुरंत वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चालक का नाम, लाइसेंस विवरण और निर्धारित रूट की जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगी। इस व्यवस्था से फर्जी संचालन, बिना पंजीकरण वाहन और गलत रूट पर चलने वाले ई-रिक्शाओं पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल ट्रैफिक सुधरेगा बल्कि अपराध नियंत्रण और यात्री सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।
अब तक करीब 163 ई-रिक्शा चालकों को इस डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है, जबकि यह अभियान अगले दो माह तक लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समयावधि के बाद बिना कलर कोड और QR स्टीकर वाले ई-रिक्शा सड़क पर दिखाई दिए तो सीधे चालान और परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम की सख्ती—धर्मनगरी में अब अनुशासन ही नियम
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हरिद्वार एक अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला धार्मिक शहर है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में ट्रैफिक अव्यवस्था शहर की छवि को धूमिल करती है। ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा—
“ई-रिक्शा चालकों को बार-बार समझाया गया है कि वे निर्धारित रूट और रंग प्रणाली का पालन करें। QR कोड सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी है। अगर कोई नियम तोड़ेगा तो उसके खिलाफ चालान से लेकर परमिट निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को सुधारना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान चालकों को जागरूक किया जा रहा है और उन्हें डिजिटल प्रणाली के लाभ समझाए जा रहे हैं। अधिकतर चालक इस पहल का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि इससे अवैध प्रतिस्पर्धा और दबाव की स्थिति खत्म होगी।
अराजकता से व्यवस्था की ओर—प्रशासन का स्पष्ट संदेश
हरिद्वार की सड़कों पर लंबे समय से ई-रिक्शाओं की बेतरतीब भीड़, गलत दिशा में संचालन और जाम की समस्या आम रही है। खासकर बाजार क्षेत्र, हर की पैड़ी, ज्वालापुर और रेलवे स्टेशन के आसपास हालात चिंताजनक हो जाते थे। अब कलर कोड और डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि यातायात सुगम होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्पॉट वेरिफिकेशन, संयुक्त चेकिंग अभियान और विशेष प्रवर्तन टीम भी तैनात की जाएगी। स्पष्ट है कि हरिद्वार में अब ट्रैफिक सुधार केवल घोषणा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती कार्रवाई बन चुका है। दो माह के भीतर शहर की तस्वीर बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
धर्मनगरी में अब संदेश साफ है—
बिना कलर कोड नहीं चलेगा रिक्शा, बिना QR नहीं बचेगा कोई। हरिद्वार की सड़कों पर अब अराजकता नहीं, अनुशासन का राज होगा।



