मीडिया कर्मियों को परिवहन विभाग हरिद्वार से बड़ी प्रशासनिक राहत,, हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में हर महीने ‘प्रेस डे’ होगा लागू,, चतुर्थ शनिवार को पत्रकारों को मिलेगा विशेष मार्गदर्शन व समन्वय,, धर्मनगरी हरिद्वार शहर में मीडिया की भूमिका अहम
हरिद्वार मे मीडिया जगत से जुड़े प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारों के लिए हरिद्वार परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण, व्यावहारिक और राहत देने वाला प्रशासनिक निर्णय,, निखिल शर्मा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हरिद्वार द्वारा जारी कार्यालयादेश के अनुसार अब हर महीने के चतुर्थ शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में ‘प्रेस डे’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन मीडिया प्रतिनिधियों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, परमिट, लर्नर लाइसेंस, नवीनीकरण, संशोधन सहित अन्य परिवहन संबंधी व्यक्तिगत कार्यों के लिए विशेष मार्गदर्शन, समन्वय और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा

इन्तजार रजा हरिद्वार- मीडिया कर्मियों को परिवहन विभाग हरिद्वार से बड़ी प्रशासनिक राहत,,
हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में हर महीने ‘प्रेस डे’ होगा लागू,,
चतुर्थ शनिवार को पत्रकारों को मिलेगा विशेष मार्गदर्शन व समन्वय,,
धर्मनगरी हरिद्वार शहर में मीडिया की भूमिका अहम

हरिद्वार मे मीडिया जगत से जुड़े प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारों के लिए हरिद्वार परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण, व्यावहारिक और राहत देने वाला प्रशासनिक निर्णय लिया है। निखिल शर्मा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हरिद्वार द्वारा जारी कार्यालयादेश के अनुसार अब हर महीने के चतुर्थ शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में ‘प्रेस डे’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन मीडिया प्रतिनिधियों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, परमिट, लर्नर लाइसेंस, नवीनीकरण, संशोधन सहित अन्य परिवहन संबंधी व्यक्तिगत कार्यों के लिए विशेष मार्गदर्शन, समन्वय और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
यह आदेश ऐसे समय में जारी किया गया है, जब पत्रकारिता पूरी तरह 24×7 सक्रिय व्यवस्था बन चुकी है। अनियमित कार्य समय, फील्ड रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग न्यूज, घटनास्थल कवरेज, लाइव प्रसारण और त्वरित समाचार संकलन के कारण पत्रकारों के लिए सरकारी कार्यालयों की निर्धारित समय-सारिणी में अपने व्यक्तिगत कार्य पूरे करना अक्सर बेहद कठिन हो जाता है। इसी जमीनी हकीकत को समझते हुए एआरटीओ प्रशासन ने यह संवेदनशील और दूरदर्शी पहल की है।
लंबे समय से चली आ रही समस्या का व्यावहारिक समाधान
अक्सर देखा गया है कि पत्रकार अपने परिवहन संबंधी कार्यों को लेकर छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण एआरटीओ कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर होते हैं। कभी दस्तावेज अधूरे रह जाते हैं तो कभी समय के अभाव में प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। इसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और मानसिक दबाव पर पड़ता है। ‘प्रेस डे’ की व्यवस्था इसी समस्या का संस्थागत और व्यावहारिक समाधान है। अब पत्रकारों को एक निश्चित दिन मिलेगा, जब वे बिना अनावश्यक भागदौड़ के सही जानकारी लेकर अपने आवेदन पूरे कर सकेंगे।
प्रेस डे: सुविधा है, विशेषाधिकार नहीं
कार्यालयादेश में यह बात स्पष्ट शब्दों में दर्ज है कि ‘प्रेस डे’ किसी भी प्रकार की वीआईपी सुविधा या विशेषाधिकार नहीं है। इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत—
- पत्रकारों को आवेदन प्रक्रिया का सटीक मार्गदर्शन मिलेगा
- दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में समन्वय किया जाएगा
- अनावश्यक त्रुटियों और विलंब से बचाव होगा
- बार-बार कार्यालय आने की मजबूरी कम होगी
हालांकि यह भी साफ कर दिया गया है कि किसी भी सेवा में लागू अधिनियम, नियम, निर्धारित शुल्क, परीक्षण प्रक्रिया और समय-सीमा में कोई छूट नहीं दी जाएगी। नियम पत्रकारों और आम नागरिकों — दोनों के लिए समान रहेंगे।
निखिल शर्मा, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार ने कहा—
“मीडिया कर्मी समाज में जागरूकता फैलाने की अहम भूमिका निभाते हैं। परिवहन नियमों, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया का योगदान महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘प्रेस डे’ की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि मीडिया प्रतिनिधि परिवहन विभाग की प्रक्रियाओं, नियमों और सेवाओं को स्वयं समझें और सही जानकारी के साथ अपने कार्य पूरे कर सकें। यह व्यवस्था केवल मार्गदर्शन, समन्वय और जागरूकता के उद्देश्य से है, इसमें किसी प्रकार की छूट, सिफारिश या प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।”
धर्मनगरी हरिद्वार शहर में मीडिया की भूमिका अहम
धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हरिद्वार में मीडिया की भूमिका बेहद प्रभावशाली है। कांवड़ मेला, कुंभ, स्नान पर्व, वीआईपी मूवमेंट और आपात स्थितियों में पत्रकार प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनकर कार्य करते हैं। ऐसे में एआरटीओ प्रशासन का यह कदम मीडिया की कार्यप्रणाली को समझने और सम्मान देने वाला माना जा रहा है। यह फैसला यह भी दर्शाता है कि प्रशासन अब केवल औपचारिक आदेशों तक सीमित नहीं, बल्कि मीडिया की व्यावहारिक चुनौतियों को समझकर समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भ्रम फैलाने वालों के लिए सख्त संदेश
कार्यालयादेश में इस व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम या गलतफहमी की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। स्पष्ट किया गया है कि—
- यह किसी भी तरह की सिफारिश व्यवस्था नहीं है
- इसमें किसी को वरीयता या प्राथमिकता नहीं दी जाएगी
- सभी सेवाएं पूरी तरह नियमसम्मत और निष्पक्ष होंगी
इस स्पष्टता के साथ परिवहन विभाग ने उन तमाम शंकाओं पर विराम लगा दिया है, जो अक्सर सकारात्मक प्रशासनिक फैसलों को लेकर खड़ी की जाती हैं।
कार्मिकों को स्पष्ट और सख्त निर्देश
निखिल शर्मा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हरिद्वार ने एआरटीओ कार्यालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ‘प्रेस डे’ की व्यवस्था का अनुपालन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, भेदभाव या मनमानी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि देहरादून संभाग के सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) हरिद्वार सहित संबंधित शाखाओं को भी भेज दी गई है।
प्रशासनिक सुधार की एक सकारात्मक मिसाल
हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय की यह पहल न केवल पत्रकारों के लिए राहत है, बल्कि यह संवेदनशील प्रशासन और सुधारात्मक सोच की एक मजबूत मिसाल भी है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए भी यह एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। कुल मिलाकर, ‘प्रेस डे’ की व्यवस्था प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने वाला कदम है, जिसका लाभ अंततः आम जनता तक ही पहुंचेगा।



